उदयपुर: फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा बैठक में एडीएम ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने उदयपुर कलेक्ट्रेट में विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को शत-प्रतिशत लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश दिए।

उदयपुर। राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी फ्लैगशिप योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और उनकी प्रगति की समीक्षा के लिए मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने की। बैठक के दौरान एडीएम राठौड़ ने स्पष्ट किया कि फ्लैगशिप योजनाएं सरकार की मुख्य प्राथमिकता हैं और इनका लाभ समाज के अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन योजनाओं का उद्देश्य आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार लाना है, जिसके लिए योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।
समीक्षा बैठक में एडीएम ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, कुसुम योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (शहरी एवं ग्रामीण), राष्ट्रीय बागवानी मिशन, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान, मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, अटल ज्ञान केंद्र, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं अटल प्रगति पथ जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की अद्यतन स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान संबंधित विभागों को योजनाओं के प्रभावी निष्पादन और पात्र लाभार्थियों को त्वरित लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में जिला परिषद के सीईओ विरमाराम, सीपीओ महावीर प्रसाद सहित संबंधित विभागों के समस्त वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसी क्रम में, जिला कलक्टर के मार्गदर्शन में 'पंच गौरव' कार्यक्रम की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक और नोडल अधिकारी पुनीत शर्मा ने गत वित्तीय वर्ष में हुए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया और वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए विभागवार प्राप्त प्रस्तावों की जानकारी दी। एडीएम राठौड़ ने निर्देश दिए कि जिला कलक्टर की मंशा के अनुरूप समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने उन विभागों को विशेष रूप से पाबंद किया जिनकी कार्ययोजना अब तक प्राप्त नहीं हुई है, और उन्हें आगामी दो दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया। बैठक में पर्यटन, खेल, उद्योग, वन, उद्यानिकी एवं राजीविका विभाग के प्रतिनिधि अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन की यह सक्रियता इन योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन को गति प्रदान करने के साथ ही स्थानीय विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।

