मत्स्य विभाग, राजस्थान की निदेशक आईएएस संचिता बिश्नोई ने अपने दो दिवसीय उदयपुर प्रवास के दौरान मत्स्य पालन क्षेत्र में नवाचारों और विभागीय कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और जलाशयों के मत्स्य ठेकों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना रहा। निदेशक ने बंध बडी स्थित केज कल्चर मछली पालन इकाई का निरीक्षण किया, जहां 18 केज मय केज हाउस की स्थापना की गई है। अधिकारियों ने अवगत कराया कि हाथीपोल निवासी लाभार्थी तारा देवी पूर्बिया को योजना के तहत 60 प्रतिशत अनुदान राशि की प्रथम किश्त डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से हस्तांतरित की जा चुकी है, जबकि द्वितीय किश्त का भुगतान प्रथम उत्पादन चक्र पूर्ण होने पर किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि केज कल्चर इकाई की कुल लागत 54 लाख रुपये निर्धारित है, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत तक का अनुदान देय है। बंध बडी में अब तक इस तरह की दो इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

निदेशक ने रानी रोड स्थित मत्स्य भवन परिसर में उदयपुर संभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस दौरान पंचायती राज संस्थाओं से विभाग को हस्तांतरित जलाशयों के मत्स्य ठेकों की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई। संयुक्त निदेशक डॉ. अनिल जोशी ने स्पष्ट किया कि 'ख' प्रवर्ग के जलाशयों के ठेके निदेशालय स्तर से ई-आक्शन पोर्टल के माध्यम से संपन्न किए जा चुके हैं, जबकि 'ग' एवं 'घ' प्रवर्ग के ठेके जिला स्तर पर नियमानुसार ऑफलाइन प्रक्रिया से किए जा रहे हैं। निदेशक ने इन ठेकों के व्यापक प्रचार-प्रसार और उनमें पूर्ण पारदर्शिता बरतने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित मत्स्य उत्पादन, बीज उत्पादन और सहकारी समितियों के गठन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत प्राप्त करने पर बल दिया।

अपने प्रवास के समापन पर निदेशक ने मत्स्य भवन में अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा स्थापित 43 के.वी. की सोलर इकाई और भवन मरम्मत कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों को पूरी कर्तव्यनिष्ठा और बेहतर समन्वय के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। इस समीक्षा बैठक में उप निदेशक मत्स्य डॉ. दीपिका पालीवाल और अमित पुरोहित सहित संभाग के अन्य जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Pratahkal HQ

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