उदयपुर। कृषि आदानों की रीढ़ माने जाने वाले खाद, बीज और कीटनाशक व्यापारियों ने अपनी लंबित 12 सूत्री मांगों को लेकर हुंकार भरते हुए उदयपुर जिले में पूर्णतः व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे। अखिल भारतीय एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन के आह्वान पर आयोजित इस एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल को मेवाड़ एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन ने अपना पूर्ण समर्थन दिया, जिसके चलते जिले भर में कृषि रसायनों और खाद-बीज की बिक्री पूरी तरह ठप रही। आंदोलन के दौरान व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी समस्याओं के समाधान हेतु देश के प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार जैन ने अन्य डीलरों के साथ मिलकर जिला कलेक्टर एवं संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार सुधीर कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियों से अवगत कराया। जिला कलेक्टर ने व्यापारियों की जायज मांगों को सुनने के उपरांत उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी भावनाओं और समस्याओं को केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री कार्यालय तक प्रेषित किया जाएगा। विरोध का यह स्वर केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले की सभी तहसीलों में भी तहसीलदारों एवं उपखंड अधिकारियों (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई।

हड़ताल के पश्चात उदयपुर जिला मुख्यालय पर संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार एवं उनकी तकनीकी टीम ने व्यापारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें व्यापार से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक के दौरान अध्यक्ष अरविंद कुमार जैन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में व्यापारी कई विसंगतियों से जूझ रहे हैं और यदि उनकी 12 सूत्री मांगों पर यथाशीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन राष्ट्र स्तर पर बेमियादी हड़ताल पर जाने को विवश होगा। यह प्रदर्शन न केवल व्यापारियों की एकजुटता को दर्शाता है, बल्कि कृषि क्षेत्र में नीतिगत सुधारों की तात्कालिक आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

Pratahkal HQ

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