उदयपुर में घुमंतु समाज की चेतावनी: 30 सितंबर तक पट्टे नहीं मिले तो चुनाव बहिष्कार
उदयपुर में घुमंतु समाज ने आवासीय पट्टों की मांग को लेकर यूडीए को ज्ञापन सौंपा और 30 सितंबर तक समाधान नहीं होने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी।

तस्वीर में उदयपुर विकास प्राधिकरण के सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए घुमंतु समाज का प्रतिनिधिमंडल नजर आ रहा है।
उदयपुर विकास प्राधिकरण की पेराफेरी क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में रहने वाले घुमंतु, अर्ध घुमंतु एवं विमुक्त समाज के प्रतिनिधियों ने आवासीय पट्टों की मांग को लेकर गुरुवार को यूडीए सचिव राजपाल सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि 30 सितंबर तक पट्टों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगामी पंचायतीराज चुनावों का पूरे जिले में बहिष्कार किया जाएगा और जिला कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
ग्राम पंचायत प्रशासक नरेश मेघवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सितंबर 2024 से पूरे प्रदेश में घुमंतु परिवारों को आवासीय पट्टे देने की योजना चलाई जा रही है। इसी के तहत उदयपुर विकास प्राधिकरण ने सितंबर 2024 में पेराफेरी क्षेत्र की ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगे थे। ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव तैयार कर यूडीए को भेज भी दिए, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी यूडीए ने इन फाइलों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज उन्नति की चतुर्थ बैठक में भी प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को घुमंतु परिवारों को पट्टे देने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा मामले में टालमटोल किए जाने का आरोप प्रतिनिधियों ने लगाया।
समाज के मुख्य प्रतिनिधि परथा कालबेलिया ने कहा, "दो वर्ष से हम यूडीए के चक्कर काट रहे हैं। आजादी के 78 वर्ष बाद भी घुमंतु समुदाय आवास जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए दर-दर की ठोकर खा रहा है। हम जिस भूमि पर रह रहे हैं वहां हमारे पूर्वज तीन पीढ़ियों से रह रहे हैं, वहां हमारे पूर्वजों की समाधियां हैं, अधिकारियों को हम ये भी बता चुके हैं। परन्तु अधिकारी अशिक्षित समझकर हमारी सुनते ही नहीं। हम कई बार जिला स्तरीय जनसुनवाई और यूडीए की जनसुनवाई में भी अपनी समस्या बता चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई।"
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि 30 सितंबर तक आवासीय पट्टों की समस्या का निस्तारण नहीं किया गया तो घुमंतु समाज पूरे जिले में आगामी पंचायतीराज चुनावों का बहिष्कार करेगा। इसके साथ ही जिला कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने इसकी समस्त जिम्मेदारी उदयपुर विकास प्राधिकरण की होने की बात कही।
प्रतिनिधिमंडल में उप सरपंच नानालाल नागदा, मन्नालाल, गौरीलाल, किशन, वालाराम, मांगीलाल, कालू, भंवर, परसराम, तेजा आदि उपस्थित रहे। आवासीय पट्टों को लेकर लंबे समय से चल रही मांग के बीच समाज ने अब 30 सितंबर की समयसीमा तय करते हुए चुनाव बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

Vikas Chawada (Udaipur)
नाम: विकास चावड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता (दैनिक प्रातःकाल, फतहनगर क्षेत्र)
कार्यक्षेत्र: फतहनगर, तहसील: मावली, जिला: उदयपुर (राजस्थान)
अनुभव: साल 2020 से लगातार सक्रिय
बीट और मुख्य विषय
- स्थानीय समाचार: तहसील मावली के विभिन्न गांवों सहित फतहनगर-सनवाड़ पालिका क्षेत्र के स्थानीय समाचारों की नियमित कवरेज।
- राजनैतिक एवं क्राइम: क्षेत्र की राजनीतिक हलचल, कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग।
- जन समस्याएं व समसामयिक विषय: स्थानीय नागरिकों की समस्याएं, बुनियादी सुविधाएं और समसामयिक मुद्दों पर नियमित लेखन व रिपोर्टिंग।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
हायर सेकेंडरी
