उदयपुर: श्रमिक नेता स्व. बी. चौधरी की पुण्यतिथि पर देबारी में पुष्पांजलि सभा
स्व. बी. चौधरी की 31वीं पुण्यतिथि पर देबारी यूनियन कार्यालय में श्रमिकों और पदाधिकारियों ने उनके संघर्षों को याद कर अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।

उदयपुर। मजदूर हितों के लिए आजीवन संघर्षरत रहने वाले प्रखर श्रमिक नेता स्व. बी. चौधरी की 31वीं पुण्यतिथि पर देबारी स्थित यूनियन कार्यालय में एक भावभीना पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा परिसर 'इंटक जिंदाबाद', 'मजदूर भाई-भाई' तथा 'स्व. बी. चौधरी अमर रहें' के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिक, यूनियन पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने उनके प्रति अपार सम्मान को प्रदर्शित किया।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष मांगीलाल अहीर, महामंत्री प्रकाश श्रीमाल, इकाई प्रधान विवेक यादव, एचआर हेड अनिल गढ़िया और संघ कोषाध्यक्ष अरुण दास सहित अनेक पदाधिकारियों ने स्व. चौधरी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर गोविंद सिंह देवड़ा, गजे सिंह, प्रकाश सेन, भैरूशंकर पालीवाल, मानाराम डांगी, हीरालाल मेघवाल, राकेश चास्टा, देवीलाल सुथार, दिनेश सिंह, दुर्गेश मेनारिया, राकेश जोशी, पूरन खटीक, भोपाल सिंह, दलपत सिंह, उदयलाल, कुंदन सिंह, विजय सिंह चौधरी, हिम्मतलाल, गोपाल बैरागी, नारायण डांगी, मजर खान, चंचल पुरोहित, मोतीलाल गमेती, मेघराज डांगी, हरि सिंह देवड़ा, मीठालाल, किशनलाल मेघवाल, दिनेश खटीक, पन्नालाल मेघवाल एवं गोपाल मेघवाल सहित सैकड़ों श्रमिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामंत्री प्रकाश श्रीमाल ने स्व. चौधरी के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने न केवल श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें संगठन की शक्ति का बोध भी कराया। कार्यवाहक अध्यक्ष मांगीलाल अहीर ने उनके सानिध्य में बिताए समय को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्शों को आत्मसात करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। कोषाध्यक्ष अरुण दास ने जावर से लेकर विभिन्न मजदूर आंदोलनों तक स्व. चौधरी की साहसी यात्रा का विस्तार से उल्लेख किया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रमिकों एवं पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से उनके सिद्धांतों और अधूरे सपनों को पूरा करने का सामूहिक संकल्प लिया। भीषण गर्मी को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यूनियन कार्यालय के बाहर ठंडे दूध का काउंटर लगाया गया, जहाँ राहगीरों और श्रमिकों को शीतल दूध वितरित कर जनसेवा का कार्य भी किया गया।

