उदयपुर: शातिर नकबजन विनोद उर्फ बांका पर संगठित अपराध का मामला दर्ज
विभिन्न थानों में चोरी के दर्जनों मामलों में नामजद आरोपी विनोद उर्फ बांका जमानत पर बाहर होने के बाद भी अपने गिरोह के साथ वारदातों को अंजाम दे रहा था।

उदयपुर। राजस्थान के झीलों की नगरी उदयपुर में पुलिस ने अपराध के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए एक शातिर बदमाश के खिलाफ संगठित रूप से अपराध करने का गंभीर मामला दर्ज किया है। शहर के गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई इस कार्रवाई ने क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, आरोपी की पहचान इंदिरा कॉलोनी निवासी विनोद उर्फ बांका पुत्र अमरा कालबेलिया के रूप में हुई है, जो लंबे समय से नकबजनी की वारदातों को अंजाम देकर चोरी का माल बेचने के अवैध कारोबार में लिप्त है।
आरोपी विनोद उर्फ बांका की कार्यशैली अत्यंत शातिर है; वह बड़ी ही चतुराई से लोगों के घरों और धार्मिक स्थलों यानी मंदिरों को अपना निशाना बनाता है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी चोरी छिपे नकबजनी की वारदातों को अंजाम देने और चुराए हुए माल को ठिकाने लगाने के बावजूद पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा है। बांका का आपराधिक इतिहास काफी विस्तृत है, जिसके विरुद्ध उदयपुर के प्रतापनगर, सुखेर, बड़गांव और सविना जैसे विभिन्न थानों में नकबजनी के कई प्रकरण पूर्व से ही दर्ज हैं। वर्तमान में आरोपी न्यायालय से जमानत पर बाहर है, किंतु जेल से बाहर आने के बाद भी उसकी आपराधिक गतिविधियां थमी नहीं हैं।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि विनोद उर्फ बांका अकेले नहीं, बल्कि अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह के रूप में अपराध करता है और आमजन में भय व्याप्त कर उन्हें डराता-धमकाता है। उसकी इन्ही संगठित आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने अब उस पर कानून का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गोवर्धन विलास थाना पुलिस ने इस संबंध में विधिवत मामला दर्ज कर गहन अनुसंधान प्रारंभ कर दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर में पनप रहे संगठित अपराध के नेटवर्क को ध्वस्त करना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।

