फतहनगर-सनवाड़ पालिका की निर्दलीय चेयरमैन प्रत्याशी ममता चपलोत के मकान को लेकर उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की प्रस्तावित सीज और ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर सिविल न्यायाधीश (शहर-उत्तर), उदयपुर की अदालत ने अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने आगामी आदेश तक वादग्रस्त मकान में किसी भी प्रकार की सीज या तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं करने तथा मौके और रिकॉर्ड पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।

मामला लवली एस्टेट, रूपसागर स्थित भाजपा नेता राजेश चपलोत की पत्नी ममता चपलोत के मकान से जुड़ा है। ममता चपलोत की ओर से अधिवक्ता अरुण व्यास ने अदालत में अंतरिम अस्थायी निषेधाज्ञा (TI) की अर्जी दाखिल की थी।

याचिका में बताया गया कि रूपसागर, आयड स्थित भूखंड संख्या 133-134, जिसका क्षेत्रफल 4780 वर्गफीट है, प्रार्थिया ने वर्ष 2015 में कंकूबाई से पंजीकृत विक्रय पत्र के जरिए खरीदा था। याचिका के अनुसार, इस भूखंड पर 150 से अधिक अन्य मकानों की तरह वर्षों से निर्माण बना हुआ है।

इस बीच यूडीए ने 15 सितंबर 2026 को उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम की धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया। नोटिस में उक्त भूखंड को रूपसागर तालाब के पेटे में स्थित बताते हुए निर्माण को बिना स्वीकृति और सेटबैक का अवैध निर्माण करार दिया गया।

प्रार्थिया की ओर से अदालत में बताया गया कि 17 सितंबर की रात 9 बजे यह नोटिस एक किरायेदार को थमाया गया और 18 सितंबर सुबह 11 बजे तक जवाब मांगा गया। प्रार्थिया के वकीलों का आरोप था कि उन्हें जवाब और दस्तावेज पेश करने का उचित समय दिए बिना मौखिक रूप से निर्माण ध्वस्त करने की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 2023 की धारा 32(1) के प्रावधान पर भी गौर किया। अदालत ने पाया कि इस प्रावधान के तहत यूडीए किसी निर्माण के 10 वर्ष के भीतर ही नोटिस जारी कर सकता है।

अदालत के समक्ष प्रस्तुत रिकॉर्ड और विक्रय पत्र के अनुसार मकान वर्ष 2015 से पूर्व निर्मित अवस्था में है और लगभग 12 वर्षों से अधिक समय से निर्माण मौजूद है। ऐसे में 10 साल की समय सीमा बीत जाने के बाद जारी किया गया नोटिस नियम के अनुरूप प्रतीत नहीं होता।

इन परिस्थितियों में न्यायालय ने प्रथम दृष्ट्या मामला प्रार्थिया के पक्ष में बनता हुआ माना। इसके आधार पर अदालत ने यूडीए की एकतरफा कार्रवाई पर रोक लगाते हुए वादग्रस्त मकान में आगामी आदेश तक सीज या तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं करने तथा मौके और रिकॉर्ड पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।

मामले की अगली सुनवाई और जवाब टी.आई. के लिए 30 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की गई है। अब अदालत के आगामी आदेश तक ममता चपलोत के रूपसागर स्थित मकान को लेकर यूडीए की सीज और ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक प्रभावी रहेगी।

Vikas Chawada (Udaipur)

Vikas Chawada (Udaipur)

नाम: विकास चावड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता (दैनिक प्रातःकाल, फतहनगर क्षेत्र)

कार्यक्षेत्र: फतहनगर, तहसील: मावली, जिला: उदयपुर (राजस्थान)

अनुभव: साल 2020 से लगातार सक्रिय

बीट और मुख्य विषय 

  • स्थानीय समाचार: तहसील मावली के विभिन्न गांवों सहित फतहनगर-सनवाड़ पालिका क्षेत्र के स्थानीय समाचारों की नियमित कवरेज।
  • राजनैतिक एवं क्राइम: क्षेत्र की राजनीतिक हलचल, कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग।
  • जन समस्याएं व समसामयिक विषय: स्थानीय नागरिकों की समस्याएं, बुनियादी सुविधाएं और समसामयिक मुद्दों पर नियमित लेखन व रिपोर्टिंग।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

हायर सेकेंडरी

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