उदयपुर (वि.)। शिल्प ग्राम मेले में दुकानदारों द्वारा खरीदारी के बाद ग्राहकों को बिल नहीं दिए जाने और सुरक्षा व्यवस्थाओं की उपेक्षा को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत संगठन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने इस संबंध में मेले के आयोजक फुरखान खान को औपचारिक ज्ञापन सौंपा।

संगठन का आरोप है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत 200 रुपये या उससे अधिक मूल्य की खरीदारी पर उपभोक्ताओं को बिल लेने का अधिकार है, लेकिन मेले में यह नियम पूरी तरह से अनदेखा किया जा रहा है। इसके चलते न केवल उपभोक्ताओं के अधिकारों की अवहेलना हो रही है, बल्कि केंद्र एवं राज्य सरकार को टैक्स में मिलने वाली राशि की चोरी होने का भी खतरा बढ़ रहा है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन ने मेले की अन्य खामियों को भी उजागर किया। मेले में अग्नि सुरक्षा यंत्र और रेत से भरी बाल्टियों जैसी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं अनुपस्थित पाई गईं। पार्किंग स्थल पर फायर ब्रिगेड की दो बसें खड़ी थीं, लेकिन मुख्य दुकानों तक वाहन पहुंचाने में कठिनाई होने के कारण किसी अप्रत्याशित हादसे की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा पार्किंग स्थल पर वाहनों से राशि वसूलने के बावजूद धूल की समस्या बनी हुई है, जिससे वाहनधारियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधि मंडल में जिला अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा, करण सिंह कटारिया, फतेहलाल पारिक, रमेश जोशी, मांगीलाल भोई, नरपत सिंह कुमावत, अशोक शर्मा, राजू कुंवर चौहान, नरोत्तम गौड़, अनिल टांक और राजकुमार शर्मा शामिल थे।

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत संगठन ने आयोजक से स्पष्ट रूप से अनुरोध किया है कि उपभोक्ता संरक्षण कानून का पालन सुनिश्चित किया जाए और मेले में सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दी जाए। इस ज्ञापन के माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों और सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया गया है, ताकि मेले में आने वाले नागरिकों की सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों की रक्षा हो सके।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story