उदयपुर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने शिकायतों के निस्तारण में सख्ती के दिए निर्देश
संपर्क पोर्टल पर खानापूर्ति करने वाले अधिकारियों को चेतावनी, पत्रावलियां अपलोड करना अनिवार्य और समयबद्ध मॉनिटरिंग के आदेश।

उदयपुर। जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज जन शिकायतों के प्रति पूर्ण गंभीरता बरती जाए और उनके निस्तारण में खानापूर्ति के बजाय गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। सोमवार अपराह्न कलक्ट्रेट मिनी सभागार में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कलक्टर अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण के दौरान केवल औपचारिक जवाब लिखने के स्थान पर सभी अपेक्षित पत्रावलियों के साथ विस्तृत प्रत्युत्तर पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि परिवादी पूरी तरह संतुष्ट हो सके।
बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने विभागवार एवं अधिकारीवार लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों के मोबाइल में 'संपर्क ऐप' खुलवाकर उसका अवलोकन किया और सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों को आवंटित परिवेदनाओं के समयबद्ध निस्तारण की निरंतर मॉनिटरिंग करें। श्री अग्रवाल ने बेहतर और त्रुटिपूर्ण निस्तारण के तुलनात्मक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए उन अधिकारियों को सख्त हिदायत दी जिन्होंने केवल औपचारिक जवाब देकर शिकायतें बंद की थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी प्रकरण में शिकायतकर्ता को राहत प्रदान की गई है, तो उससे संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य भी पोर्टल पर साझा किए जाएं ताकि परिवादी को की गई कार्यवाही की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
इस समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री प्रकोष्ठ, मुख्यमंत्री प्रकोष्ठ एवं विभिन्न आयोगों के स्तर पर लंबित प्रकरणों के साथ-साथ हाल ही में आयोजित जिला जन अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति तथा जनसुनवाई में प्राप्त परिवेदनाओं के निस्तारण की स्थिति पर भी चर्चा की गई। बैठक में एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, गिर्वा एसडीएम अवुला सांईकृष्ण, यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर और सीईओ विरमा राम सहित समस्त संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलक्टर के इन निर्देशों का उद्देश्य जिले में जनसुनवाई तंत्र को अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाना है।

