उदयपुर में अघोषित बिजली कटौती: चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
उदयपुर में भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती से व्यापार और जनजीवन प्रभावित, व्यापारियों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर जताई आपत्ति।

भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच उदयपुर शहर में व्याप्त अघोषित बिजली कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुरुवार को इस विकट स्थिति के विरोध में चैंबर ऑफ कॉमर्स, उदयपुर डिवीजन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की कड़े शब्दों में मांग की है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स उदयपुर डिवीजन के अध्यक्ष पारस सिंघवी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अवगत कराया कि भीषण तापमान के दौर में बिजली की लगातार हो रही आवाजाही से न केवल आमजन को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अध्यक्ष सिंघवी ने स्पष्ट किया कि दिनभर जारी बिजली की आंख-मिचौली से व्यापार जगत को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, रात्रि के समय भी कई क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहने के कारण स्थानीय निवासियों की दिनचर्या पूरी तरह चरमरा गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश के समक्ष विद्युत विभाग की घोर लापरवाही पर तीखी नाराजगी व्यक्त की। पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण मौसम में अघोषित बिजली कटौती आमजन के लिए एक बड़ी आपदा बन चुकी है, जिसे तत्काल नियंत्रित किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग की गई कि विद्युत आपूर्ति को बिना विलंब सुचारू बनाया जाए और अघोषित कटौती पर स्थायी रूप से रोक सुनिश्चित की जाए ताकि शहरवासियों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।
इस अवसर पर चैंबर ऑफ कॉमर्स उदयपुर डिवीजन के संरक्षक अंबालाल बोहरा, शब्बीर के. मुस्तफा, इंदर सिंह मेहता, गणेश डागलिया, सुखलाल साहू, महामंत्री राजमल जैन तथा आलोक पगारिया सहित अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारीगण उपस्थित रहे। व्यापारियों का यह सामूहिक कदम बिजली संकट के प्रति बढ़ते आक्रोश को दर्शाता है, जिसे लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समाधान की उम्मीद जगी है।

