उदयपुर जेल में खूनी संघर्ष: पांच बंदियों ने दो पर पत्थर से किया हमला
केंद्रीय कारागार में सोमवार परेड के दौरान जुवेनाईल वार्ड में हमला हुआ, पत्थर के वार से दो विचाराधीन बंदी गंभीर रूप से घायल हुए।

उदयपुर। झीलों की नगरी स्थित केन्द्रीय कारागार में सुरक्षा व्यवस्थाओं को धता बताते हुए बंदियों के बीच खूनी संघर्ष का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जेल के भीतर ही पांच से अधिक बंदियों ने लामबंद होकर दो अन्य बंदियों पर पत्थरों से प्राणघातक हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। इस हिंसक वारदात में दोनों बंदी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार हेतु चिकित्सालय ले जाया गया है। कारागार प्रशासन की ओर से इस घटना को लेकर पुलिस में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जेल प्रहरी प्रवीण विश्रोई ने पुलिस में मामला दर्ज करवाते हुए बताया कि 4 मई को विचाराधीन बंदी रणजीत पुत्र लखमा एवं भूताराम पुत्र होमा ने स्वयं के साथ हुई बर्बर मारपीट और गाली-गलौच के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। घटनाक्रम के अनुसार, 4 मई की सुबह करीब 8:45 बजे रणजीत और भूताराम सोमवार परेड के लिए जुवेनाईल वार्ड में खड़े थे। इसी दौरान अचानक विचाराधीन बंदी असलम खान उर्फ तोता पुत्र शमीम, अंतिम जटिया पुत्र रामविलास, अयान खान पुत्र निसार खान, अवधेश पुत्र राजवीर, अभिषेक उर्फ अर्जुन पुत्र सुरेश कुमार, अर्जुन पुत्र संजु कुमार, तरुण यादव पुत्र परमानंद और प्रिंस शर्मा पुत्र हरिओम ने दोनों को घेर लिया।
आरोपियों ने रणजीत और भूताराम को पकड़कर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच आरोपी अवधेश ने पत्थर उठाकर रणजीत और भूताराम के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनके सिर में गहरे घाव हो गए और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। जेल परिसर में अचानक हुए इस हंगामे और शोर-शराबे को सुनकर अन्य बंदी और जेल स्टाफ मौके पर पहुंचा तथा बीच-बचाव कर घायलों को हमलावरों के चंगुल से छुड़वाया। पुलिस ने जेल प्रशासन की शिकायत पर सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर गहन अनुसंधान शुरू कर दिया है। जेल के भीतर हुई इस हिंसक वारदात ने कारागार की सुरक्षा और बंदियों के बीच बढ़ते वैमनस्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

