उदयपुर में पांच दिवसीय दीपोत्सव का शुभारंभ: धनतेरस पर जमकर हुई खरीददारी, सोने-चांदी के बाजारों में उमड़ी भीड़
उदयपुर में पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस के साथ हुई। बाजारों में भारी भीड़, सोने-चांदी और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की जमकर खरीददारी, वहीं महालक्ष्मी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। दीपावली तक शहर में रौनक और भक्ति का माहौल चरम पर रहेगा।

उदयपुर, 18 अक्टूबर — झिलमिलाती रोशनी और उत्साह के माहौल के बीच शनिवार से उदयपुर में पांच दिवसीय दीपोत्सव का शुभारंभ हुआ। शहर धनतेरस के उल्लास में डूबा रहा, जहां सुबह से ही बाजारों में रौनक और शाम होते-होते सड़कों पर चहल-पहल का माहौल देखने को मिला। हर कोई अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार शुभ मुहूर्त में खरीददारी करता नजर आया।
धनतेरस के अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल्स, सोने-चांदी और गृह सज्जा से जुड़े शोरूमों पर ग्राहकों की भारी भीड़ रही। बापूबाजार, हाथीपोल, देहलीगेट, मालदास स्ट्रीट और अश्विनी बाजार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वाहन रेंगते हुए दिखाई दिए, जबकि पार्किंग स्थलों पर जगह के लिए लोगों को जूझना पड़ा। व्यापारी समुदाय के चेहरों पर लंबे समय बाद चमक लौटी है, क्योंकि दीपोत्सव की शुरुआत ने बाजारों में नई ऊर्जा भर दी है।
इसी के साथ शहर के धार्मिक स्थलों पर भी भक्तिभाव का वातावरण देखने को मिला। महालक्ष्मी मंदिर में सुबह मंगला दर्शन से पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई। इस अवसर पर माता महालक्ष्मी को तीन अलग-अलग वेश-भूषाओं में श्रृंगार किया गया। पांच दिवसीय दीपोत्सव के दौरान प्रतिदिन माता को विशेष वस्त्र और सोने के आभूषण धारण करवाए जाएंगे। मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के दर्शन की संभावना जताई जा रही है, जिसके लिए विभिन्न समितियों द्वारा व्यवस्थाएं की गई हैं। 19 अक्टूबर को रूप चौदस और 21 अक्टूबर को दीपावली के दिन माता को स्वर्णाभूषणों से दिव्य श्रृंगार कर दर्शन करवाए जाएंगे।
उधर, दीपावली की छुट्टियों को लेकर शहर से बाहर जाने वाले यात्रियों की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई। रोडवेज बस स्टैंड पर शुक्रवार से ही यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। बांसवाड़ा, डूंगरपुर और आसपास के जिलों से उदयपुर में पढ़ाई या नौकरी करने वाले लोग अपने घरों की ओर रवाना हो रहे हैं। बसों में लंबी कतारें लगी रहीं और कई मार्गों पर अतिरिक्त बसें भी चलाई गईं ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके।
धनतेरस के साथ दीपोत्सव का यह आगाज़ न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक है, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी शहर के व्यापार को नई गति प्रदान कर रहा है। बाजारों में खरीददारी के बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि लंबे समय बाद उपभोक्ता विश्वास में इजाफा हुआ है। आने वाले दिनों में जब दीपावली अपने शिखर पर होगी, तो उदयपुर की गलियों में दीपों की जगमगाहट और भक्तिभाव का संगम देखने को मिलेगा।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
