उदयपुर: बागोर की हवेली में सात दिवसीय एचिंग एवं सेरीग्राफी कार्यशाला शुरू
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न महाविद्यालयों के 20 विद्यार्थी ग्राफिक कला की बारीकियां सीख रहे हैं।

उदयपुर। कला और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र ने मंगलवार को बागोर की हवेली स्थित अपने ग्राफिक स्टूडियो में सात दिवसीय 'एचिंग एवं सेरीग्राफी' कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया। कला प्रेमियों के लिए आयोजित यह आयोजन उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि बागोर की हवेली के ऐतिहासिक परिसर में स्थित ग्राफिक स्टूडियो में शुरू हुई यह सात दिवसीय कार्यशाला प्रतिभागियों को एचिंग और सेरीग्राफी जैसी जटिल कला विधाओं के सूक्ष्म पहलुओं से रूबरू कराएगी। इस कार्यशाला में कला के प्रति समर्पित लगभग 20 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें सेठ मथुरादास बिनानी राजकीय महाविद्यालय (नाथद्वारा), मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय, राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय तथा पैसिफिक कॉलेज ऑफ फाईन आर्टस के विद्यार्थी शामिल हैं।
यह कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 10 बजे से सायं 6 बजे तक संचालित की जा रही है, जिसमें प्रतिभागी विशेषज्ञ मार्गदर्शकों के सानिध्य में ग्राफिक कला के विविध आयामों का गहन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। युवाओं के रचनात्मक कौशल को निखारने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यशाला न केवल उन्हें कला की बारीकियों से परिचित कराएगी, बल्कि उनके भविष्य के व्यावसायिक और कलात्मक मार्ग को भी प्रशस्त करेगी। इस प्रकार के नवाचारी आयोजन उदयपुर में कलात्मक गतिविधियों के विस्तार और युवा कलाकारों के कौशल विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

