उदयपुर: करंट से 2 गायों की मौत पर AVVNL को 90 हजार मुआवजा देने का आदेश
स्थाई लोक अदालत ने बिजली विभाग की लापरवाही मानते हुए पीड़िता फेफा कुंवर के पक्ष में फैसला सुनाया; 5100 रुपये परिवाद व्यय और ब्याज देने के भी निर्देश दिए।

उदयपुर। विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण करंट की चपेट में आने से दो गायों की हुई अकाल मृत्यु के मामले में स्थाई लोक अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) की कार्यप्रणाली में भारी चूक मानते हुए पीड़िता को 90 हजार रुपये का मुआवजा, ब्याज और 5100 रुपये परिवाद व्यय अदा करने के ऐतिहासिक आदेश जारी किए हैं।
प्रकरण के विस्तृत विवरण के अनुसार, हनुमान मंदिर बेड़वास निवासी फेफा कुंवर पत्नी पदम सिंह देवड़ा ने अधिवक्ता डॉ. भारत सिंह राव के माध्यम से अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, प्रतापनगर के सहायक अभियंता के विरुद्ध विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 22 (1) के तहत 11 सितम्बर 2025 को क्षतिपूर्ति प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। परिवाद में उल्लेख किया गया कि 22 मई 2025 को कानपुर के नया कुआं के समीप गायें चर रही थीं, तभी विद्युत विभाग के ढीले और करंट प्रवाहित तारों के संपर्क में आने से दो दुधारू गायों की तड़पकर मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तत्काल बाद प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई और विभाग को रजिस्टर्ड नोटिस भेजकर 25 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति मांगी गई थी, जिसे विभाग ने गैर-जिम्मेदाराना तरीके से खारिज कर दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह सिसोदिया, सदस्य राजेन्द्र सिंह राठौड़ एवं डॉ. गरिमा गुप्ता ने सुनवाई के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बारीकी से अवलोकन किया। अदालत ने पाया कि मृत प्रत्येक गाय की बाजार कीमत 45-45 हजार रुपये थी। न्यायपीठ ने विभाग की दलीलों को दरकिनार करते हुए क्षतिपूर्ति प्रार्थना पत्र स्वीकार किया और आदेश दिया कि विभाग दोनों गायों के लिए कुल 90 हजार रुपये का मुआवजा, वाद प्रस्तुति की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तथा 5100 रुपये परिवाद व्यय के रूप में पीड़िता को पृथक से प्रदान करे। यह निर्णय सरकारी विभागों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नजीर साबित होगा।

