उदयपुर। शहर के हाथीपोल थाना क्षेत्र में कुछ लोगों ने एक व्यक्ति के खिलाफ सरकारी नौकरी का झांसा देकर लोगों से हजारों रूपए ऐंठने और एक्स आर्मी मैन के फर्जी दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज करवाया है। आरोपी ने 100 से अधिक लोगों के साथ इसी तरह से धोखाधड़ी की है। पुलिस केे अनुसार माधव सिंह पुत्र स्व. भंवर सिंह चुंडावत निवासी बाजनी रोड़ी बेमला गिर्वा, चमन सिंह पुत्र सरदार सिंह सारंगदेवोत निवासी ओनार सिंह की भागल वल्लभनगर, रतनलाल पुत्र मांगीलाल जटीया निवासी रावतिया भोपालसागर चित्तौड़गढ़, चम्पालाल पुत्र हकरा निवासी ढीकली बड़गांव, दूल्हे सिंह पुत्र निर्भय सिंह सारंगदेवोत निवासी कच्छेर कुराबड़, इन्दर सिंह पुत्र खुमान सिंह राठौड़ निवासी बेमला ने अर्जुनलाल खराड़ी प्रबंधक रेक्सो मधुबन के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।

रेक्सो प्रबंधक की धोखाधड़ी का जाल

अर्जुनलाल खराड़ी स्वयं को रेक्सो (राज एक्स सर्विसमेन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) नामक संस्था का उदयपुर समन्वयक और प्रबंधक बताता है। उसने विश्वास दिलाया कि "उसकी संस्था केवल भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों को ही सरकारी विभागों में सुरक्षा गार्ड के तौर पर स्थायी नौकरी पर नियुक्त करती है और वह हमारी नियुक्ति करवा सकता है।" आरोपी ने सभी को सरकारी नौकरी का झांसा देकर अलग-अलग समय पर पैसा लिया है। आरोपी ने उनसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, फोटो लिए और 5 से 10 खाली कागजों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए।

पीड़ितों से वसूली और फर्जी आईडी का निर्माण

अर्जुनलाल खराडी ने इन्दर सिंह से सरकारी नौकरी लगाने की एवज में 50 हजार रूपए नकद लिए। उसके हस्ताक्षर 5-10 खाली कागजों पर करवाए और आधार कार्ड व बैंक पासबुक की प्रतिलिपि ली। इसके बाद उसे आरबीएसएल डिपो प्रतापनगर में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात किया। आरोपी ने उसका सीआरपीएफ का एक फर्जी पहचान पत्र भी तैयार किया और उसके वेतन से 5 हजार रूपए प्रतिमाह यह कहकर लेता रहा कि यह राशि उसके प्रमोशन और नौकरी स्थायी करने के लिए जयपुर भेजनी पड़ती है। 1 दिसम्बर 2025 को उसे बिना किसी सूचना या कारण के नौकरी से निकाल दिया गया।

कूटरचित दस्तावेज और भारी भरकम अवैध वसूली

दूल्हेसिंह सारंगदेवोत के साथ 1 सितम्बर 2018 को आरोपी ने सरकारी नौकरी के नाम पर 35 हजार रूपए नकद लिए और उसके हस्ताक्षर युक्त खाली कागज, आधार कार्ड व बैंक पासबुक की प्रति प्राप्त की। आरोपी ने उसके नाम से भारतीय सेना की राजपूताना रेजिमेंट के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उसे 132 केवी जीएसएस कुराबड़ में सुरक्षा गार्ड के रूप में नियुक्त किया। आरोपी उससे भी प्रमोशन के नाम पर प्रतिमाह 5 हजार रूपए नकद वसूलता रहा और अंतत: 1 दिसम्बर 2025 को उसे नौकरी से हटा दिया गया। माधवसिंह चुण्डावत के साथ 1 अक्टूबर 2015 को 50 हजार रूपए प्रोसेस चार्ज के लिए। उसके भी खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए और आधार कार्ड, फोटो व बैंक पासबुक की कॉपी ली गई। उसे बिजली विभाग के कार्यालय कुराबड़ में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात किया। आरोपी ने उसके सीआईएसएफ से जुड़े जाली दस्तावेज तैयार किए और उससे भी प्रतिमाह 5 हजार रूपए वसूले।

लाखों का गबन और सामूहिक निष्कासन

रतनलाल जटिया के साथ 1 दिसम्बर 2017 को आरोपी ने सरकारी नौकरी के नाम पर 30 लाख रूपए मधुबन स्थित कार्यालय में लिए। उससे भी 10 खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए और अन्य दस्तावेज लिए गए। उसे 132 केवी जीएसएस भोपालसागर में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात किया। आरोपी ने उसके भी जाली दस्तावेज तैयार किए और स्थायी करने के नाम पर उससे भी प्रतिमाह 5 हजार रूपए की अवैध वसूली की। इसी तरह चमन सिंह और चम्पालाल के साथ 21 जुलाई 2019 को दोनों से सरकारी नौकरी के नाम पर 50 हजार रूपए प्राप्त किए और उन्हें शिल्पग्राम, लोककला मण्डल में नियुक्त किया। आरोपी अर्जुनलाल खराड़ी से जब दस्तावेज मांगे तो पता चला कि उसने उनके खाली हस्ताक्षर किए दस्तावेजों पर अंग्रेजी भाषा में स्वयं भर कर जानबूझकर कूटरचित एवं जाली दस्तावेज से सीआरपीएफ, राजपूताना रेजिमेंट, सीआईएसएफ के पहचान पत्र तैयार किए थे। रेक्सो (राज एक्स सर्विसमेन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की शिकायत राज्य स्तर पर होने से इस घोटाले के उजागर होने पर लगभग 200 से अधिक कार्मिकों को निकाला गया है और उन्हें धमकाया जा रहा है कि कहीं बात उजागर की तो तुम्हारे खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Pratahkal Bureau

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