उदयपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग उदयपुर ने आंगनबाड़ी केंद्र सिंघाड़ा सायरा की एक कार्यकर्ता की सेवाएं खत्म कर दी है। पिछले दिनों इस केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया था, तब सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितताएं मिली थी। इस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजू नंगारची की मानदेय सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। विभाग की ओर से कार्यकर्ता को 18 फरवरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा में स्पष्टीकरण न देने पर पुन: स्मरण पत्र भेजा था, उसके बाद अब सेवा से हटाया गया है।

निरीक्षण में मिली गंभीर अनियमितताएं

गोगुंदा एसडीएम शुभम भैसारे एवं सायरा तहसीलदार सुरेश मेहता ने 15 जनवरी को इस केंद्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में सामने आया कि आंगनवाड़ी केंद्र के समस्त सरकारी रिकॉर्ड का संधारण नहीं किया गया है। साथ ही केंद्र पर दूध का स्टॉक जरूरत से ज्यादा पाया गया, जिससे यह माना गया कि 3 से 6 साल के बच्चों को नियमित रूप से दूध का वितरण नहीं किया जा रहा था।

योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही

मौके पर स्टॉक रजिस्टर और अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए गए। केंद्र पर पोषण ट्रैकर रिपोर्ट, पीएमएमवीवाई योजना और लाभार्थियों के आधार सत्यापन का कार्य भी असंतोषजनक पाया गया। निरीक्षण में केन्द्र पर साफ सफाई नहीं थी और वहां गंदगी फैली हुई थी।

अधिकारियों की टिप्पणी

जांच और कार्यवाही के दौरान अधिकारियों ने पाया कि "सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितताएं मिली थी" तथा "3 से 6 साल के बच्चों को नियमित रूप से दूध का वितरण नहीं किया जा रहा था।" इन्हीं आधारों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए हाथों-हाथ सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया।

Pratahkal Bureau

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