उदयपुर। मेवाड़ की पावन धरा पर प्रजापति समाज की कुलदेवी, भक्त शिरोमणि मां श्रीयादे के जन्मोत्सव को इस बार एक ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारी पूर्ण हो चुकी है। आगामी 20 जनवरी को उदयपुर के दरौली स्थित श्रीयादे मंदिर परिसर में 'एक दिन मां श्रीयादे के नाम' अभियान के तहत वृहद स्तर पर भव्य जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सामाजिक समरसता और एकता का संदेश देते हुए इस बार पांच चौखले—मेवाड़, गिर्वा प्रथम, गिर्वा द्वितीय, पारी और वनावल—एक ही जाजम पर एकत्रित होकर इस विराट उत्सव को मनाएंगे। इस महापर्व का मुख्य आकर्षण समाज की शक्ति को संगठित करने वाली 'पांच चौखले की टेलीफ़ोन डायरेक्ट्री' का भव्य विमोचन होगा, जो समाज के डिजिटल और सूचनात्मक सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

रविवार, 4 जनवरी को दरौली स्थित मंदिर प्रांगण में आयोजित एक महत्वपूर्ण मासिक बैठक के दौरान इस महोत्सव की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। बैठक की अध्यक्षता मेवाड़ चौखला के कार्यकारी अध्यक्ष मांगीलाल प्रजापत इटाली ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में चौखला अध्यक्ष गणेशलाल प्रजापत घासा उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मां श्रीयादे के जीवन मूल्य और उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणापुंज हैं। इस आयोजन का मूल उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना और पांचों चौखलों के बीच अटूट एकता स्थापित करना है। मेवाड़ चौखला के महामंत्री डीसी प्रजापत बिठौली ने कार्यक्रम का विवरण साझा करते हुए बताया कि उत्सव का आगाज 19 जनवरी की पूर्व संध्या पर होगा, जिसमें विशाल रात्रि जागरण और भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सुप्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा मां श्रीयादे की महिमा का गुणगान किया जाएगा।

आगामी 20 जनवरी को दरौली की सड़कों पर एक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों की संख्या में समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित होंगे। इस महोत्सव को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के दानदाताओं ने भी खुले मन से सहयोग किया है, जिसमें पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाले स्नेह भोज की जिम्मेदारी भामाशाह प्रेमलाल (माल की टूस) द्वारा निभाई जाएगी। बैठक के दौरान समाज के प्रबुद्धजनों ने डायरेक्ट्री प्रकाशन के तकनीकी और सामाजिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक संपर्क सूत्र सुलभ हो सकें।

इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में समाज के कई दिग्गज और पदाधिकारी साक्षी बने। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ उपाध्यक्ष उदय लाल खेड़ी, प्रेमलाल प्रजापत माल की टूस, दलाजी इंटाली, भंवर लाल बिछड़ी और राजसमंद जिला अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण मौजूद रहे। साथ ही वनावल चौखला अध्यक्ष लालजी बागोल, युवा जिलाध्यक्ष प्रभुलाल उमरडा, सोहनलाल बेदला, किशनलाल देलवाड़ा, दिनेश बड़ी, दिनेश छोटा बेदला, राजेंद्र कुमार, वर्दीचंद मोलेला, सोहनलाल, धनराज सराय, ग़मेंर लाल, गोटूलाल, रामलाल दरौली, शंकरलाल, रामलाल बागथल, अंबालाल, शंकरलाल नवानियां, शंकरलाल, मांगीलाल, चम्पालाल खेड़ी, पन्ना लाल भटेवर, रूपलाल ढावा, दीपचंद घासा, जालू प्रजापत रख्यावल, शंकर प्रजापत, उदयलाल नउवा, बाबूलाल धौलीमगरी, गोवर्धनलाल घासा, सोहन लाल बिठौली, भगवान लाल सराय, गोवर्धन शीशवी, लच्छीराम भलो का गुड़ा, भगवानलाल, नानालाल, नारायणलाल, उमेश दरौली सहित सैकड़ों समाज बंधुओं ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन न होकर प्रजापति समाज के गौरव, स्वाभिमान और संगठित शक्ति का प्रतीक बनने जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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