थूरिया-भीलवाड़ा सड़क बदहाल, ग्रामीणों ने की मरम्मत की मांग
थाना असारीवाडा होकर गुजरात जाने वाले मार्ग पर गहरे गड्ढे होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा, सार्वजनिक निर्माण विभाग से नवीनीकरण की अपील।

थूरिया से थाना असारीवाडा होते हुए भीलवाड़ा तक जाने वाली मुख्य सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
थूरिया से थाना असारीवाडा होते हुए चटोल, असारीवाडा डेरी एवं भीलवाड़ा तक जाने वाली लगभग तीन किलोमीटर लंबी डामर सड़क की बदहाल स्थिति क्षेत्रवासियों और राहगीरों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ा हुआ डामर आवागमन को जोखिमपूर्ण बना रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क वर्षों पूर्व निर्मित की गई थी, लेकिन निर्माण के बाद से अब तक इसकी समुचित मरम्मत नहीं कराई गई है। लगातार उपेक्षा के कारण सड़क की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। मार्ग पर बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त सतह के कारण दोपहिया तथा चौपहिया वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह सड़क क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों दुपहिया एवं चौपहिया वाहन गुजरते हैं। साथ ही थाना असारीवाडा होकर गुजरात जाने वाले यात्रियों द्वारा भी इस मार्ग का उपयोग एक सुगम बाईपास सड़क के रूप में किया जाता है। ऐसे में सड़क की जर्जर स्थिति का प्रभाव स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी यात्रियों पर भी पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब हालत के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। विशेषकर बारिश के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है तथा हादसों का खतरा बढ़ जाता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग को समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने जनहित में सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं प्रशासन से मांग की है कि थूरिया से थाना असारीवाडा होते हुए चटोल, असारीवाडा डेरी एवं भीलवाड़ा तक जाने वाली इस सड़क की तत्काल मरम्मत एवं नवीनीकरण कराया जाए, ताकि आमजन को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिल सके। सड़क की स्थिति में सुधार न होने से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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