चौरासी विधानसभा क्षेत्र में यूरिया की भारी किल्लत, किसान परेशान और महंगे दामों पर मजबूर
चौरासी विधानसभा क्षेत्र में यूरिया खाद की गंभीर किल्लत से किसान परेशान हैं। सरकारी सहकारी समितियों में भंडार खाली होने के कारण किसानों को गुजरात से महंगे दामों पर खाद लाना पड़ रहा है। समय पर खाद न मिलने से फसल उत्पादन पर गंभीर असर और आर्थिक नुकसान की आशंका है।

सीमलवाडा (प्रात:काल संवाददाता)। चौरासी विधानसभा क्षेत्र के किसान इन दिनों यूरिया खाद की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। फसल में खाद डालने का निर्णायक समय होने के बावजूद क्षेत्र की 36 सरकारी सहकारी समितियों में से किसी भी समिति में यूरिया उपलब्ध नहीं है। इससे स्थानीय किसानों को मजबूरी में गुजरात के बाजारों से खाद खरीदने पर विवश होना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि सरकारी भंडार खाली होने और स्थानीय उपलब्धता न होने के कारण उन्हें यूरिया महंगे दामों में खरीदनी पड़ रही है। वर्तमान में बाजार में यूरिया का एक बैग 500 से 600 रुपये तक बिक रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ गई है और कई किसान अपनी फसल को समय पर खाद न मिलने के चलते नुकसान की आशंका जता रहे हैं।
कृषि विभाग और सहकारी समितियों द्वारा बार-बार ‘जल्द खाद उपलब्ध होने’ का दावा किया गया है, लेकिन वास्तविकता यह है कि भंडार पूरी तरह खाली पड़े हैं। वहीं, निजी दुकानों में यूरिया उपलब्ध है, लेकिन इसकी कीमतें सामान्य किसान की वहन क्षमता से बाहर हैं। किसान नेताओं ने बताया कि विभाग स्थानीय स्तर पर खाद उपलब्ध कराने में असफल हो रहा है, जबकि गुजरात से खाद लाने वाले किसानों और व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है। इससे व्यापारी जोखिम नहीं ले रहे और नुकसान सीधे किसानों को हो रहा है।
किसानों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से समितियों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। ऐसे में समय पर खाद न मिलने पर फसल सूखने और उत्पादन पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना बढ़ गई है। किसान इस स्थिति से बेहद चिंतित और मायूस हैं, जबकि सरकारी व्यवस्थाओं की कमी उन्हें संकट में डाल रही है।
स्थानीय स्तर पर यह समस्या न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर डाल रही है, बल्कि क्षेत्र की कृषि उत्पादन क्षमता पर भी सीधे प्रभाव डालने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि फसल सुरक्षा और किसान हितों की रक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है।
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Pratahkal Bureau
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