उदयपुर (वि.)। जिले में प्रशासनिक सेवाओं के लिए तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशानुसार श्रम विभाग के अधिकारियों ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को श्रम कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया। यह कदम विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रित बच्चों को प्रशासनिक सेवाओं में प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सहायक श्रम आयुक्त महेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि गत 15 अक्टूबर को हुई बीओसीडब्ल्यू टास्क फोर्स की बैठक में जिला कलक्टर ने इस योजना के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए थे। योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिक और उनके आश्रित बच्चों को भारतीय प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 1 लाख रुपये और राजस्थान प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

इस दिशा में श्रम विभाग के निरीक्षकों ने जिले के विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा तैयारी संस्थानों का दौरा कर विद्यार्थियों को योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्हें यह बताया गया कि इस योजना का उद्देश्य न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना है, बल्कि निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को प्रशासनिक क्षेत्र में शिक्षा और करियर के नए अवसर उपलब्ध कराना भी है।

जिले में यह पहल विद्यार्थियों और श्रमिक परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखी जा रही है। इससे न केवल सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रशासनिक सेवा की दिशा में नए प्रतिभाओं को प्रोत्साहन भी मिलेगा।

Pratahkal Bureau

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