अकीदत और भाईचारे के साथ सोमवार को मनाया जाएगा 22 रजब का ऐतिहासिक कुंडा त्यौहार
सोमवार को इमाम जाफ़र-ए-सादिक (अ.स.) की याद में 22 रजब का कुंडा त्यौहार पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। घरों में मीठी पूड़ी और खीर की नियाज़ सजाई जाएगी, जहाँ बच्चे और बुजुर्ग मिलकर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करेंगे। जानिए इस ऐतिहासिक पर्व की धार्मिक महत्ता और झालावाड़ में इसकी तैयारियों के बारे में पूरी जानकारी।

जिले की फिजाओं में सोमवार को आस्था और सोंधी महक का संगम देखने को मिलेगा, जब मुस्लिम समुदाय द्वारा छटे इमाम हजरत जाफ़र-ए-सादिक (अ.स.) की याद में पारंपरिक 'कुंडा त्यौहार' पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं है, बल्कि यह सदियों पुरानी उस अटूट परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जो समाज में आपसी प्रेम और रूहानी सुकून का संदेश देती है।
उत्सव की आहट रविवार रात से ही सुनाई देने लगेगी, जब जिले भर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में हलचल तेज हो जाएगी। घरों के दालानों में मिट्टी के विशेष बर्तनों यानी 'कुंडों' को सजाया जाएगा और उनमें भरकर रखी जाने वाली मीठी पूड़ी व खीर (नियाज़) तैयार करने का सिलसिला पूरी रात जारी रहेगा। मान्यता है कि इमाम जाफ़र-ए-सादिक (अ.स.) की याद में दी जाने वाली इस 'नियाज़' से न केवल घर में बरकत आती है, बल्कि सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत भी मुकम्मल होती है।
सोमवार सुबह होते ही माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आएगा। गली-मोहल्लों में बच्चों की छोटी-छोटी टोलियां पारंपरिक लिबास में घर-घर जाकर 'कुंडों की नियाज़' का प्रसाद ग्रहण करेंगी। बुजुर्गों के चेहरों पर संतोष की लकीरें और दुआओं के लिए उठे हाथ इस पर्व की गरिमा को और बढ़ा देते हैं। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, मिट्टी के पात्रों में प्रसाद वितरण की यह सादगी इंसान को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का प्रतीक है।
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसका सामाजिक स्वरूप है। जहाँ एक ओर विशेष पकवानों की खुशबू घरों को महकाती है, वहीं दूसरी ओर यह पर्व जाति और वर्ग के भेदों को मिटाकर भाईचारे की मिसाल पेश करता है। जिले में इस पर्व के दौरान सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर उत्साह का माहौल है। आस्था के इस संगम के साथ, 22 रजब का यह दिन जिले के सांस्कृतिक इतिहास में एक बार फिर एकता और विश्वास का नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है।

Vishnu Lohar, Jhadol
नाम: विष्णु लोहार
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल, झाड़ोल)
कार्यक्षेत्र: झाड़ोल, उदयपुर (राजस्थान) - मुख्य रूप से झाड़ोल और गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास का ग्रामीण अंचल
अनुभव: करीब 10 वर्ष
बीट और विशेषज्ञता
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
- वाणिज्य स्नातक (B.Com)
- वाणिज्य स्नातकोत्तर (M.Com)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- BSTC (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट)
