गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर शहर में भक्ति और सेवा का सागर उमड़ा गुरुद्वारों में कीर्तन, अरदास और लंगर में हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
उदयपुर में गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व पर शहर के गुरुद्वारों में कीर्तन, अरदास और लंगर सेवा का आयोजन हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने सेवा और समानता के भाव से भाग लिया। वैकुण्ठ धाम में तीन दिवसीय आयोजन का समापन भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

उदयपुर (कार्यालय संवाददाता)। सिख धर्म के प्रथम गुरु, श्री गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुवार को उदयपुर शहर भक्ति, सेवा और श्रद्धा से सराबोर रहा। पूरे शहर में गुरुद्वारों पर विशेष सजावट, भव्य रोशनी और फूलों से सजे पंडालों ने उत्सव का माहौल बना दिया। सुबह से देर शाम तक कीर्तन, अरदास और लंगर सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने गुरु नानक देव के उपदेशों को आत्मसात किया।
कुम्हारों का भट्टा, शास्त्री सर्कल, प्रतापनगर और सेक्टर 14 स्थित गुरुद्वारा साहिबों में पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। विशेष रूप से हिरणमगरी सेक्टर 14 स्थित गुरुद्वारा दुख निवारण गुरु नानक दरबार में भव्य आयोजन हुआ, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।
वहीं, शक्तिनगर स्थित वैकुण्ठ धाम में तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन भी इसी अवसर पर हुआ। वैकुण्ठ धाम के गुरुजी शैलेश ब्रिजवानी ने बताया कि प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित इस महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन सुबह ‘आसादीवार पाठ’ और ‘कथा कार्तिक’ का आयोजन किया गया। इसके पश्चात पूर्ण आहुति के साथ आरती और अरदास संपन्न हुई। कार्यक्रम का समापन लंगर प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
लंगर सेवा ने गुरु नानक देव जी के उस अनंत संदेश — “सर्व सेवा, सर्व समानता” — को जीवंत कर दिया। यहां हर जाति, धर्म और वर्ग के लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते दिखे। सेवा, समर्पण और समानता की इस परंपरा ने समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब, जपजी साहिब और गुरुबाणी के मधुर पाठों का श्रवण किया। इन पवित्र वचनों ने गुरु नानक देव जी के उपदेश — “नाम जपो, कीरत करो और वंड छको” — को आत्मा में उतारने का संदेश दिया, जो प्रेम, करुणा और मानवता का सार है।
इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब दुख निवारण गुरु नानक दरबार के अध्यक्ष बलविंदर सिंह मथारू ने बताया कि सेवा भावना के विस्तार के तहत हाल ही में पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए समाजसेवी डॉ. देवेंद्र सरीन, डॉ. मधु सरीन और अन्य सामाजिक क्लब पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी का जीवन हमें निस्वार्थ सेवा और समानता का मार्ग दिखाता है, जिसे आज के समाज में अपनाना समय की आवश्यकता है।
प्रकाश पर्व का यह दिन उदयपुर में न केवल एक धार्मिक उत्सव रहा, बल्कि मानवता, प्रेम और सेवा के उस संदेश का सजीव रूप भी बना, जो गुरु नानक देव जी ने सदियों पहले दिया था।
- गुरु नानक देव प्रकाश पर्व उदयपुरगुरुद्वारा दुख निवारण दरबार उदयपुरवैकुण्ठ धाम शक्तिनगर आयोजनगुरु नानक जयंती 2025Sikh Festival UdaipurGurpurab Celebration UdaipurGuru Nanak Dev Ji Parkash ParvLangar Seva UdaipurKirtan Ardas UdaipurSikh Religious Event RajasthanBalvinder Singh MatharuShailesh Brijwani Vaikunth DhamGuru Nanak TeachingsUdaipur Religious NewsSikh Community Udaipur

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
