उदयपुर। न्याय की चौखट पर एक बार फिर यह सिद्ध हुआ है कि कानून के हाथ न केवल लंबे होते हैं, बल्कि वे अपराधियों को उनके किए की कड़ी सजा देने में भी सक्षम हैं। उदयपुर जिले के फलासिया थाना क्षेत्र में दसवीं कक्षा की छात्रा के साथ हुई रूह कंपा देने वाली दरिंदगी के मामले में पोक्सो कोर्ट-2 ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। पीठासीन अधिकारी संजय कुमार भटनागर ने आरोपी नानालाल को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला समाज में उन असामाजिक तत्वों के लिए एक कड़ा संदेश है जो मासूमों की अस्मत से खिलवाड़ करने का दुस्साहस करते हैं।

घटना की शुरुआत 6 अक्टूबर 2024 को हुई, जब एक अबोध छात्रा अपनी बहन की पुत्री को उसके घर छोड़कर वापस अपने घर लौट रही थी। दोपहर के करीब तीन बजे, जब वह रास्ते में थी, तभी मंगराफला उपली सिंगरी निवासी नानालाल बाइक पर सवार होकर आया और उसे जबरन अपनी गिरफ्त में ले लिया। आरोपी उसे डरा-धमकाकर हागड़ी मउड़े के सुनसान इलाके में ले गया, जहाँ उसने छात्रा के साथ मारपीट की और मानवता को शर्मसार करते हुए उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी पीड़िता को घर के पास छोड़कर फरार हो गया। इस खौफनाक वारदात के दौरान पीड़िता के नाक की सोने की बाली घटनास्थल पर ही गिर गई थी, जो बाद में जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। पीड़िता के बयानों और घटनास्थल के निरीक्षण के आधार पर पुलिस ने साक्ष्य जुटाए, जिनमें मौके से बरामद सोने का कांटा और अन्य सामग्री शामिल थी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने भादसं और पोक्सो एक्ट की सुसंगत धाराओं में चालान पेश किया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक महेंद्र कुमार ओझा ने पुरजोर पैरवी की। उन्होंने दोष सिद्ध करने के लिए 15 गवाहों के बयान और 42 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर मेडिकल रिपोर्ट और एफएसएल (FSL) जांच की रिपोर्ट ने आरोपी के खिलाफ मामले को और पुख्ता कर दिया।

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद, पीठासीन अधिकारी संजय कुमार भटनागर ने आरोपी नानालाल को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 20 साल की कड़ी कैद के साथ-साथ 1,10,700 रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया। इसके साथ ही, अदालत ने पीड़िता के जख्मों पर मरहम लगाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए कि पीड़िता को 'पीड़ित प्रतिकर स्कीम' के तहत एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। यह निर्णय न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि न्यायपालिका के प्रति आम जन के विश्वास को और सुदृढ़ करता है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story