उदयपुर (वि.)। 2010 से पूर्व नियुक्त अध्यापकों को अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग को लेकर देशभर के शिक्षक आंदोलन के लिए तैयार हैं। इसी क्रम में 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ी नाराजगी

राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के अनुसार "सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सितंबर 2025 में दिए गए आदेश में 2010 से पूर्व नियुक्त एवं वर्तमान में कार्यरत अध्यापकों के लिए भी टेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है", जिसका शिक्षक संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है। राजस्थान में 2010 से पूर्व नियुक्त करीब 80 हजार शिक्षकों को टेट से मुक्त करने की मांग जोर पकड़ रही है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से इन अनुभवी शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है।

मांग का आधार और आगामी रणनीति

संघ पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2009 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद राज्यों ने अपने-अपने नियम बनाए। राजस्थान में 2010 में यह कानून लागू हुआ तथा टेट परीक्षा का आयोजन 2011 से प्रारंभ हुआ। ऐसे में 2010 से पूर्व नियुक्त अध्यापकों पर यह नियम लागू करना न्यायसंगत नहीं है। महेंद्र पांडे ने बताया कि "राज्य में लगभग 80 हजार ऐसे शिक्षक वर्तमान में कार्यरत हैं, जिन्होंने टेट परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है।" टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाला यह प्रदर्शन सरकार पर नीतिगत बदलाव के लिए दबाव बनाने का एक बड़ा प्रयास होगा।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि "टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले देशभर के शिक्षक 4 अप्रैल को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेंगे।"

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story