उदयपुर में वे ब्रिज ऑटोमेशन और वाहन ट्रेकिंग सिस्टम पर तकनीकी वार्ता, खनिज परिवहन में पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
उदयपुर में माईनिंग इंजिनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के संयुक्त तत्वावधान में वे ब्रिज ऑटोमेशन और वाहन ट्रेकिंग सिस्टम पर तकनीकी वार्ता आयोजित हुई। इसमें खनिज परिवहन में पारदर्शिता, सुशासन और राजस्व संरक्षण को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
उदयपुर (वि.)। खनिज परिवहन को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में उदयपुर में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली, जब माईनिंग इंजिनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमईएआई) और उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री (यूसीसीआई) के संयुक्त तत्वावधान में “वे ब्रिज ऑटोमेशन और वाहन ट्रेकिंग सिस्टम” विषय पर एक विस्तृत तकनीकी वार्ता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में खनन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, अभियंताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लेकर आधुनिक तकनीकों की भूमिका और उनके प्रभाव पर गहन चर्चा की।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. हितांशु कौशल ने तकनीकी वार्ता की रूपरेखा प्रस्तुत की और मुख्य वक्ता आसिफ एम. अंसारी का संक्षिप्त परिचय कराया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित आसिफ एम. अंसारी, जो कि माईनिंग इंजीनियर, उदयपुर एवं माईनिंग इंजिनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, उदयपुर के सचिव हैं, ने अपने प्रस्तुतीकरण में राज्य सरकार की तकनीक-आधारित नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप खान एवं भूविज्ञान विभाग खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, सुशासन और राजस्व संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए लगातार आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
आसिफ एम. अंसारी ने बताया कि वे ब्रिज ऑटोमेशन और वाहन ट्रेकिंग सिस्टम के लागू होने से खनिज परिवहन में मानव हस्तक्षेप न्यूनतम हो जाएगा, जिससे ओवरलोडिंग, फर्जी ई-रवन्ना तथा अवैध खनन व परिवहन पर प्रभावी और सतत निगरानी संभव होगी। प्रस्तावित प्रणाली के अंतर्गत वाहन के प्रवेश से लेकर निकास तक की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल रूप से रिकॉर्ड की जाएगी। वाहन की तस्वीरें, वजन संबंधी विवरण और स्वतः जनरेट होने वाले पास सुरक्षित रूप से डेटा सेंटर में संधारित रहेंगे, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और राजस्व संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मनीष गलुडिया ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और यूसीसीआई का संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि यह संस्था विगत कई दशकों से उद्योग, व्यापार और खनन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यूसीसीआई द्वारा समय-समय पर तकनीकी सेमिनार, कार्यशालाएं, उद्योग संवाद, नीति संबंधी सुझाव और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि उद्योग जगत को नवीन और उपयोगी जानकारियां प्राप्त हो सकें।
प्रश्नकाल के दौरान खान एवं भूविज्ञान विभाग की सूचना प्रौद्योगिकी सैल की अतिरिक्त निदेशक शीतल अग्रवाल ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों और जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस तकनीकी वार्ता में विभिन्न खनन अभियंता, माईनिंग इंजिनियर्स एसोसिएशन के सदस्य, यूसीसीआई से जुड़े उद्योगपति और अन्य प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का समापन खनन क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों के महत्व और उनके दूरगामी प्रभावों को रेखांकित करते हुए किया गया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि वे ब्रिज ऑटोमेशन और वाहन ट्रेकिंग सिस्टम जैसी पहलें न केवल पारदर्शिता और सुशासन को मजबूत करेंगी, बल्कि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ राज्य के राजस्व हितों की भी रक्षा करेंगी।
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Pratahkal Bureau
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