भाजपा प्रभारी राधा मोहन सिंह अग्रवाल द्वारा सचिन पायलट पर की गई अनर्गल टिप्पणी पर पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने कड़ा एतराज जताते हुए माफी की मांग की है।

डूंगरपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह अग्रवाल द्वारा कांग्रेस महासचिव एवं टोंक विधायक सचिन पायलट पर की गई अनर्गल टिप्पणी ने राजस्थान की राजनीति में उबाल ला दिया है। सोशल मीडिया पर पायलट समर्थकों द्वारा भाजपा और अग्रवाल की तीखी आलोचना की जा रही है। इस विवाद पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव और बांसवाड़ा-डूंगरपुर संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस बयान को निंदनीय और भाजपा की गिरती सियासी संस्कृति का परिचायक करार दिया है।

भगोरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजनीति में वैचारिक विरोध स्वीकार्य है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान और मर्यादा भंग करना भाजपा की आदतन कार्यशैली बन चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरे देश में कांग्रेस एकजुट है और भाजपा लगातार लोकतांत्रिक संस्कारों एवं शुचिता को समाप्त करने पर आमादा है। पूर्व सांसद ने भाजपा नेतृत्व को अपने पदाधिकारियों और नेताओं के आचरण पर गंभीरता से विचार करने की नसीहत देते हुए मांग की कि राधा मोहन सिंह अग्रवाल को इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने सचिन पायलट के पारिवारिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पिता राजेश पायलट और माता रमा पायलट ने दौसा की धरा को ही अपनी कर्मभूमि मानकर जनसेवा की, जिसे आज भी सचिन पायलट बखूबी निभा रहे हैं। यदि उन्हें 'बाहरी' कहा जा रहा है, तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात से होने के बावजूद वाराणसी से चुनाव लड़ना किस श्रेणी में आता है? भगोरा ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेताओं में इस प्रकार की ओछी मानसिकता घर कर गई है, जो सार्वजनिक जीवन की गरिमा को तार-तार कर रही है। यह बयानबाजी न केवल व्यक्तिगत स्तर पर अपमानजनक है, बल्कि इसने प्रदेश की राजनीतिक फिजा में तनाव पैदा कर दिया है।

Pratahkal HQ

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