मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के स्ववित्त पोषित सलाहकार बोर्ड के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य को नई दिशा देते हुए, नवनियुक्त कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा ने कर्मचारियों के आत्मसम्मान और सम्मानजनक आजीविका सुनिश्चित करने का ठोस संकल्प लिया है। विश्वविद्यालय के कला महाविद्यालय स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में कर्मचारियों ने कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा और कला महाविद्यालय के नवनियुक्त अधिष्ठाता प्रो. नीरज शर्मा का गर्मजोशी के साथ स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और कर्मचारी संगठन संविदा के संरक्षक प्रतीक सिंह राणावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष नारायण लाल सालवी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिथियों का मेवाड़ी परंपरा के अनुरूप माला, उपरणा और मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कर्मचारियों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों के निराकरण के लिए यदि उन्हें जयपुर या दिल्ली तक भी जाना पड़ा, तो वे स्वयं उनके साथ कदम मिलाकर चलेंगे ताकि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।

इस दौरान कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा ने भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी वाजिब मांगों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कर्मचारी संगठन के साथ विचार-विमर्श कर वैधानिक मार्ग निकाला जाएगा, जिससे कर्मचारी अपनी आजीविका सम्मानपूर्वक व्यतीत कर सकें। कुलगुरु ने संगठन के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया कि वे अपनी मांगे व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करें ताकि उन पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सके। संगठन के संरक्षक प्रतीक सिंह राणावत ने भी कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि कुलगुरु के व्यापक अनुभव और मार्गदर्शन से निश्चित रूप से उनके हितों में सार्थक परिणाम निकलेंगे। लगभग 200 कर्मचारियों की उपस्थिति में संपन्न हुए इस आयोजन का समापन नवनियुक्त कुलगुरु को उपरणा भेंट कर किए गए आभार प्रदर्शन के साथ हुआ, जो विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारियों के बीच सहयोग के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।

Pratahkal HQ

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