स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगा 1 लाख रुपये तक का ब्रिज लोन, मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने सरकारी बैंकों को निर्देश जारी किए हैं। पीएम स्वनिधि के बाद अब छोटे व्यापारियों को कारोबार विस्तार के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी।

रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और छोटे व्यापारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की राह पर अग्रसर स्ट्रीट वेंडर्स को जल्द ही अपनी व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक लाख रुपये तक का नया ब्रिज लोन उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम उन मेहनतकश लोगों के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर आया है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी आजीविका को बेहतर बनाने के लिए निरंतर संघर्षरत हैं।
खेरवाड़ा में भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष पारस जैन ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने देश भर के सरकारी बैंकों को स्ट्रीट वेंडर्स के लिए विशेष तौर पर एक नया लोन प्रोडक्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान व्यवस्था के तहत, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत विक्रेताओं को तीन चरणों में अधिकतम 50,000 रुपये तक की ऋण सुविधा प्राप्त होती है। सरकार का यह नया निर्देश इस वित्तीय सहायता को दोगुना करने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत बदलाव है।
यह प्रस्तावित ब्रिज लोन योजना न केवल स्ट्रीट वेंडर्स की कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करेगी, बल्कि उन्हें पीएम स्वनिधि योजना के दायरे से निकालकर मुद्रा लोन जैसी बड़ी वित्तीय सुविधाओं तक पहुँचने के लिए एक सुगम मार्ग भी प्रदान करेगी। सरकारी बैंकों द्वारा इस नए उत्पाद को तैयार किए जाने के बाद, छोटे स्तर पर व्यापार करने वाले लाखों लोगों को अपने कामकाज को आधुनिक बनाने और उसे बड़े स्तर पर ले जाने के लिए पर्याप्त संसाधन प्राप्त हो सकेंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर के व्यापारियों को बैंकिंग तंत्र की मुख्यधारा से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। जैसे ही सरकारी बैंक इन नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपनी ऋण प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे, छोटे व्यापारियों के लिए व्यापार का दायरा विस्तृत होने के साथ ही उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में एक सकारात्मक और स्थायी बदलाव आने की प्रबल संभावना है।

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