लासड़िया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के 100-दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत लासड़िया ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायतों एवं विद्यालयों में 09 दिसंबर 2025 को बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं और ग्रामीण समुदायों में बाल विवाह के दुष्प्रभावों और कानूनी प्रावधानों के प्रति चेतना बढ़ाना था।

इस अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग की टीमों ने विभिन्न विद्यालयों में छात्रों और ग्रामीणों को बाल विवाह से जुड़ी कानूनी जानकारी, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान तथा बाल विवाह उन्मूलन की आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्यार्थियों और ग्रामीणों से ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ बनाने की शपथ भी ली गई।

कार्यक्रम के दौरान सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला अधिकारिता विभाग की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और परामर्श जैसी योजनाओं के बारे में भी जानकारी साझा की गई। इसके अलावा 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 बाल संरक्षण हेल्पलाइन और 112 पुलिस सहायता जैसी सरकारी सेवाओं की पहुंच और उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया।

यह पहल न केवल बाल विवाह के खिलाफ कानूनी जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, बल्कि स्थानीय समुदायों में सामाजिक जिम्मेदारी और सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता भी उत्पन्न करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सक्रिय जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने में निर्णायक साबित होंगे।

Pratahkal Bureau

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