सीमलवाड़ा में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन महाभारत प्रसंग पर चर्चा
अधिक मास के अवसर पर आयोजित ज्ञान यज्ञ में कथावाचक आनंद कुमार शास्त्री ने धृतराष्ट्र और दुर्योधन के प्रसंग से श्रद्धालुओं को धर्म और नीति का संदेश दिया।

सीमलवाड़ा(प्रात:काल संवाददाता)। कस्बे में मोड साजन समाज की ओर से पवित्र अधिक मास के अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है। ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिन गुजरात के कथावाचक आनंद कुमार शास्त्री ने श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से महाभारत युद्ध का मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, नीति और आस्था का संदेश दिया।
कथावाचक आनंद कुमार शास्त्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण महाभारत का युद्ध टालने के उद्देश्य से हस्तिनापुर पहुंचे थे। उन्होंने धृतराष्ट्र को कई प्रकार से समझाते हुए युद्ध विराम का आग्रह किया। कथा के दौरान बताया गया कि धृतराष्ट्र ने दुर्योधन से कहा कि युद्ध रोकने के लिए पांच गांव दान में दिए जा रहे हैं, लेकिन दुर्योधन ने कठोर तेवर अपनाते हुए बिना युद्ध के एक फूटी कौड़ी जमीन भी नहीं देने की बात कही।
कथा में यह भी कहा गया कि दुष्ट प्रवृत्ति का मनुष्य कितना भी निकट क्यों न हो, समय आने पर वह दूसरों को नुकसान पहुंचाने से पीछे नहीं हटता। मनुष्य के जीवन में ईश्वर के प्रति आस्था रखना अनिवार्य बताया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में डूबे नजर आए।
इस अवसर पर नवीन मेहता, विपिन कोठारी, प्रवीण कोठारी, यशवंत उपाध्याय, अशोक उपाध्याय, हरिप्रसाद उपाध्याय, दतेश मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर धार्मिक माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म और जीवन मूल्यों का संदेश ग्रहण किया।

Pratahkal Bureau
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