भीण्डर उपखंड अंतर्गत संचालित श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ गौशाला बांसड़ा के संस्थापक संचालक श्यामलाल चौबीसा का गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार की ओर से सम्मान किया गया। गृहस्थ संत हृदय व्यक्तित्व के रूप में पहचाने जाने वाले चौबीसा के अभिनंदन समारोह में विधायक उदय लाल डांगी सहित प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

गौशाला के अध्यक्ष भरत जारोली ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं जोराराम कुमावत मंत्री देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार जयपुर की ओर से जिला प्रशासन को व्यक्ति सम्मान सामग्री भिजवाई गई थी। इसी क्रम में उपखंड अधिकारी भीण्डर की उपस्थिति में गौशाला में गौ पूजन एवं गुड़ का भोग लगाकर सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि उदय लाल डांगी विधायक वल्लभनगर रहे, जबकि अध्यक्षता श्रीमती अभिलाषा उपखंड अधिकारी भीण्डर ने की। सम्माननीय अतिथि के रूप में गुलाब सिंह गुर्जर विकास अधिकारी पंचायत समिति भीण्डर, फुलाराम मीणा तहसीलदार भीण्डर, बगदाराम मीणा तहसीलदार कानोड़ सहित विपिन गोस्वामी भीण्डर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष, प्रकाश चंद्र जैन, धनराज अहीर, बाबूलाल डांगी, ओमप्रकाश मेनारिया सहित अन्य उपस्थित रहे।

उपखंड अधिकारी भीण्डर ने प्रशासन की ओर से उद्बोधन देते हुए कहा कि क्षेत्र के ऐसे होनहार, गौ सेवा में समर्पित, निष्ठावान और आध्यात्मिक जीवन जीने वाले चौबीसा का सम्मान मुख्यमंत्री महोदय के आदेश से करने का अवसर प्राप्त हुआ है, यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है।

मुख्य अतिथि विधायक उदय लाल डांगी ने कहा कि जिसका जीवन पूर्ण रूप से आध्यात्मिक हो और गृहस्थ जीवन जीते हुए भी धर्म पथ पर चलकर आध्यात्मिक जीवन व्यतीत करता हो, ऐसे व्यक्ति का चयन राजस्थान सरकार द्वारा किया गया है, जो मेरी विधानसभा क्षेत्र का व्यक्तित्व है। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश की पालना करते हुए आज श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ गौशाला में उपस्थित होकर श्री चौबीसा का अभिनंदन करने का अवसर मिला है।

विधायक ने कहा कि चौबीसा का पूरा जीवन गौ सेवा को समर्पित है। आज हम डाकिया बनकर सरकार के आदेश की पालना करने और चौबीसा का सम्मान करने के लिए उपस्थित हुए हैं, यह हमारे लिए गौरव का पल है। परमात्मा की कृपा से मनुष्य जन्म मिला है और यदि यह जीवन परमात्मा के कार्यों में लग जाता है तो जीवन सार्थक हो जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी उनके जीवन से प्रेरणा लें कि सादा जीवन उच्च विचार के साथ जीने वाले व्यक्ति का सम्मान करने का निर्णय सरकार ने लिया है। उन्होंने गौशाला के विकास, उत्तरोत्तर वृद्धि और प्रगति की मंगल कामना की।

योगेश कुमार भादावत सेवानिवृत्ति तहसीलदार एवं संरक्षक ने गौशाला की ओर से स्वागत उद्बोधन देते हुए चौबीसा की विगत 25 वर्षों की सेवा यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चौबीसा ने जीवन में आने वाले कष्टों को भी फूलों का हार मानकर स्वीकार किया और अपने कार्य को निरंतर गति प्रदान की। उनकी सेवा यात्रा के हम साक्षी हैं कि वे दिन-रात की परवाह किए बिना सेवा में लगे रहते हैं।

प्रेम शंकर रामावत कार्यकारी अध्यक्ष ने बताया कि समारोह के समापन पर भरत कुमार जारौली अध्यक्ष ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा गौशाला के संस्थापक संचालक चौबीसा के नाम का चयन कर विधायक महोदय सहित उपखंड क्षेत्र भीण्डर के समस्त अधिकारियों की उपस्थिति में सम्मान प्रदान किया गया, जिसके लिए हम सदैव ऋणी रहेंगे।

भरत कुमार जारौली ने विधायक एवं पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि जब भी वे इस रास्ते से गुजरें तो गौशाला में पधारते रहें, ताकि सेवा कार्य में लगे लोग मार्ग से भटके नहीं।

रामावत ने बताया कि चौबीसा गौशाला प्रांगण में गौ वंश को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करवाते हुए गौ व्रती रहकर जीवन जीते हैं। वे आसपास के गांवों में आयोजित कई कथाओं में आध्यात्मिक उद्बोधन देते रहते हैं और समाज में अच्छे गौ सेवक के रूप में पहचान रखते हैं।

सरकार द्वारा सम्मानित हुए चौबीसा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह शरीर अपने भाग्य की सराहना करता है कि जीवन में कभी सोचा भी नहीं था कि प्रशासन गौशाला में आकर सम्मान करेगा। यह शरीर इस योग्य न होते हुए भी प्रशासन ने चयन कर सम्मान किया, इसके लिए धन्यवाद प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म बड़ा अनमोल है और 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मनुष्य जन्म मिला है। यह जन्म निरर्थक न हो, इसके लिए प्रभु से यही प्रार्थना करनी है कि परमात्मा इस शरीर से किसी का अहित नहीं कराए।

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत भरत कुमार जारौली अध्यक्ष, देवराम व्यास कार्यकारी अध्यक्ष, रामेश्वर लाल व्यास संरक्षक, मांगीलाल जोशी, गोपाल कृष्ण चौबीस, योगेंद्र कुमार भादावत, प्रकाश चौबीसा, राजेश कुमार व्यास, दिलीप कुमार चौबीसा, धनंजय चौबीसा, नारायण लाल अहीर ग्राम विकास अधिकारी, डॉ. कैलाश लोहार, मुकेश कुमार खटीक पूर्व सरपंच, श्रीमती उषा चौबीस, श्रीमती रेणु गर्ग, त्रिभुवन कुमार चौबीस सहित अन्य ने किया।

स्वागत समारोह में दिलीप कुमार मेनारिया पटवारी, ओम प्रकाश मेनारिया मेनार, माधव लाल घटाला, सुरेश कुमार घटाला जाट, तुलसीराम मेनारिया, शांतिलाल मेनारिया, देवराम मेनारिया, रमेश चंद्र चौबीसा, राजेंद्र कुमार जाट पशुधन सहायक सहित अन्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रेम शंकर रामावत कार्यकारी अध्यक्ष नागेश्वर ज्ञान विकास संस्थान द्वारा किया गया।

सम्मान समारोह के दौरान विधायक उदय लाल डांगी ने गौशाला में डॉम बनवाने की घोषणा भी की। यह आयोजन गौ सेवा, आध्यात्मिक जीवन और समाज सेवा के क्षेत्र में समर्पित श्यामलाल चौबीसा के योगदान के सम्मान के रूप में आयोजित किया गया।

Pratahkal Newsroom

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