सलूम्बर। जिला मुख्यालय पर श्वेताम्बर जैन समाज के पूज्य संत भक्तिचंद विजय महाराज एवं नेमीहंस विजय महाराज के मंगल आगमन पर संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। संतों के इस मंगल प्रवेश को लेकर जैन समाज में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया और श्रद्धा के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागीदारी निभाई। संतों का मंगल प्रवेश उदयपुर रोड स्थित डॉ. राजेश दोशी के निवास स्थान से प्रारंभ हुआ, जहां से एक भव्य 'सामैया' (स्वागत जुलूस) निकाला गया। गाजे-बाजे के साथ निकली इस शोभायात्रा में समाज की महिलाएं मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं।

नगर के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई यह यात्रा जब आगे बढ़ी, तो जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पूज्य संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। नगर भ्रमण के दौरान पूज्य संतों ने शहर के समस्त जैन मंदिरों में पहुंचकर जिनेन्द्र देव की वंदना की। संतों के दर्शन हेतु सड़कों पर भक्तों का तांता लगा रहा और भक्तिपूर्ण जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान हो गया। अंत में यह भव्य जुलूस नवीन उपाश्रय पहुंचकर एक विशाल धर्मसभा में परिवर्तित हो गया।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य संतों ने उपस्थित भक्तों को भीषण गर्मी के इस दौर में जीव रक्षा का पावन संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मूक पशु-पक्षियों के लिए पानी के परिंडे लगाना और उनके चारे की समुचित व्यवस्था करना ही सच्ची मानवता और जीव दया है। संतों ने प्रत्येक श्रावक से आह्वान किया कि वे अपने घरों की छत या बालकनी में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करें, क्योंकि भीषण गर्मी में प्यास से तड़पते जीवों की रक्षा करना ही सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। इस गरिमामय अवसर पर समाज के देवेन्द्र दोशी, विनोद तातेड़, शैलेन्द्र सालगिया, विपुल सालगिया, नितिन सालगिया, निखिल सालगिया एवं रिषभ जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य महिला व पुरुष उपस्थित रहे। संतों का यह संदेश जीव दया के प्रति समाज में नई चेतना का संचार कर गया।

Pratahkal HQ

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