कानोड़। निकटवर्ती खेताखेड़ा गांव के लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में चल रही श्रीराम कथा का समापन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। कथा के अंतिम प्रसंग में कथावाचक महंत बालकदास सिंगोली श्याम ने श्रद्धालुओं को गुरु महिमा, राम नाम की शक्ति और ईश्वर की सर्वव्यापकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में परमात्मा को पाने की तड़प पैदा हो जाए तो जीवन सफल हो जाता है। ईश्वर को कभी भी अपने मन से बाहर नहीं निकालना चाहिए, क्योंकि परमात्मा सर्वत्र विद्यमान हैं।

महंत बालकदास ने गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि सद्गुरु का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। जो व्यक्ति अपने सद्गुरु पर संशय करता है, उसे जीवन में अनेक प्रकार के कष्टों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस का प्रसंग सुनाते हुए गुरु के प्रति श्रद्धा और विश्वास के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला होता है।

कथा के दौरान महंत ने श्रद्धालुओं से किसी की निंदा नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मनुष्य जो भी कार्य कर रहा है, उसे पूरी लगन और मन लगाकर करना चाहिए। कर्म में एकाग्रता और मन में भगवान का स्मरण जीवन को सार्थक बनाता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल कथा सुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि जीवों के कल्याण और जीवन को संस्कारित करने का अवसर है।

राम नाम की औषधि से भवसागर पार

राम नाम की महिमा बताते हुए महंत बालकदास ने कहा कि राम नाम ऐसी औषधि है, जो मनुष्य के जीवन के विकारों को दूर करने में समर्थ है। उन्होंने घनी का नाम की वैश्या का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि राम नाम का सुमिरन करने से उसका भी उद्धार हुआ। इससे उन्होंने समझाया कि भगवान का नाम लेने के लिए किसी विशेष परिस्थिति या योग्यता की आवश्यकता नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया गया स्मरण मनुष्य के जीवन को बदल सकता है।

कथा के अंतिम चरण में श्रीराम के आदर्श जीवन, भक्ति, गुरु के प्रति समर्पण और नाम स्मरण के प्रसंगों को जोड़ते हुए श्रद्धालुओं को धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। कथा स्थल पर अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रही और पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा।

हवन, छप्पन भोग व महाप्रसादी में उमड़े श्रद्धालु

श्रीराम कथा के समापन अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्रामवासियों ने विधि-विधान से हवन में आहुतियां देकर क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि तथा अच्छी वर्षा की कामना की। इसके बाद लक्ष्मीनारायण भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया। महाप्रसादी का भी आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया।

अल सुबह तक चली भजन संध्या, संतों व भजन गायकों का स्वागत

कथा समापन के अवसर पर आयोजित भजन संध्या में निर्गुण-सगुण भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्तिरस में डुबोए रखा। भजन संध्या का संचालन प्रेमशंकर जोशी ने किया। भजन गायकों ने राम भक्ति और आध्यात्मिक संदेशों से जुड़े भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। भजन संध्या का क्रम सुबह तक चलता रहा।

इस अवसर पर समस्त ग्रामवासियों की ओर से लक्ष्मीनारायण मंदिर मंडल एवं सनातन धर्म सेवा समिति खेताखेड़ा द्वारा सभी भजन गायकों और साधु-संतों का स्वागत किया गया। आयोजन में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कथा के अंतिम अध्याय के साथ खेताखेड़ा में कई दिनों से चल रहा धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सामूहिक सहभागिता के वातावरण में संपन्न हुआ।

Bharat Jaroli, Udaipur

Bharat Jaroli, Udaipur

नाम: भरत कुमार जारोली

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: कानोड़ (तहसील: कानोड़, जिला: उदयपुर, राजस्थान)

बीट : स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भरत कुमार जारोली राजस्थान के उदयपुर जिले के अंतर्गत आने वाले कानोड़ तहसील और उसके आसपास के क्षेत्रों के वरिष्ठ संवाददाता हैं। वह अपने क्षेत्र में पुलिस थाना, अस्पताल, स्थानीय प्रशासन, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों सहित सभी विषयों पर नियमित रूप से समाचार कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

भरत कुमार जारोली को पत्रकारिता के क्षेत्र में 35 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। वह साल 1982 से लगातार 'प्रातः काल' दैनिक समाचार पत्र के साथ जुड़े हुए हैं। इससे पूर्व वह 'राजस्थान पत्रिका' (उदयपुर) से जुड़े हुए थे, जहाँ उन्होंने 35 वर्षों तक नियमित रूप से काम किया।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की है।

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