उदयपुर। वैशाखी पूर्णिमा के पावन अवसर पर आनंद मार्ग प्रचारक संघ के संस्थापक श्री श्री आनंदमूर्ति जी का 105वां जन्मदिवस उदयपुर डायोसिस यूनिट द्वारा अत्यंत हर्षोल्लास और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। आनंद पूर्णिमा के इस शुभ उपलक्ष्य पर आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला में भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। भुक्ति प्रधान डॉ. एस. के. वर्मा ने आयोजन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य समारोह आनंद मार्ग, उदयपुर की डायोसिस सेक्रेटरी (महिला) अवधूतिका आनंदकृष्णा आचार्या के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।

दिवस का शुभारंभ तड़के पांच बजे 'पांचजन्य' के साथ हुआ, जिसके पश्चात साधकों ने 'बाबा नाम केवलम' अष्टाक्षर सिद्ध महामंत्र का जाप करते हुए नगर कीर्तन निकाला, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्रातः ठीक 6:07 बजे जयघोष के बीच मार्ग गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान शंख ध्वनि और दीप प्रज्जवलन ने कार्यक्रम में मांगलिक दिव्यता घोल दी। जन्मदिवस के मुख्य सत्र में प्रभात संगीत का गायन, सामूहिक कीर्तन, धर्मचक्र, वर्णाध्यान और गुरुपूजा के साथ-साथ आनंद वाणी का श्रद्धापूर्वक पाठ किया गया।

आध्यात्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए नारायण सेवा का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत टेकरी-मादरी रोड पर आमजन के बीच मिठाई का वितरण किया गया और भीषण गर्मी को देखते हुए राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाकर राहत पहुंचाई गई। जीव-मात्र के प्रति करुणा के भाव को चरितार्थ करते हुए, श्री श्री आनंदमूर्ति जी द्वारा स्थापित 'पीकैप' (प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू प्लांट्स एंड एनिमल्स) संस्था के तत्वावधान में जागृति परिसर में वृहद पौधरोपण अभियान चलाया गया। श्रद्धा, साधना और सेवा को समर्पित यह आयोजन न केवल गुरु के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम बना, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण और परोपकार का प्रभावी संदेश प्रसारित करने में भी सफल रहा।

Pratahkal HQ

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