शिव महापुराण कथा में गूंजी भोलेनाथ की महिमा, पहले दिन तीन ज्योतिर्लिंगों का हुआ वर्णन
खेरवाड़ा के श्री महाकाल धाम कारछा में पांच दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन तीन ज्योतिर्लिंगों की महिमा, भोलेनाथ-श्रीकृष्ण के आध्यात्मिक संबंध और गोपीश्वर स्वरूप का वर्णन हुआ।

तस्वीर में श्री महाकाल धाम कारछा में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा स्थल और मंदिर परिसर की सजावट दिखाई दे रही है।
खेरवाड़ा के श्री महाकाल धाम कारछा में पहली बार आयोजित पांच दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ बुधवार को धार्मिक वातावरण में हुआ। संत-महात्माओं के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में आयोजित कथा के प्रथम दिवस कथा व्यास तिलकेश जोशी का कथा आयोजन समिति की ओर से फूलमाला एवं साफा पहनाकर स्वागत-अभिनंदन किया गया। वहीं व्यास पीठ की ओर से श्री महाकाल धाम कारछा के सेवायत सोहन लाल औदिच्य का तिलक लगाकर एवं उपरणा पहनाकर अभिनंदन किया गया।
सेवायत सोहन लाल औदिच्य ने बताया कि कथा के प्रथम दिवस कथा व्यास तिलकेश जोशी ने प्रथम तीन ज्योतिर्लिंगों—श्री सोमनाथ, श्री मल्लिकार्जुन एवं श्री महाकालेश्वर—की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान भोलेनाथ एवं भगवान श्रीकृष्ण के आध्यात्मिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला।
कथा के दौरान वृंदावन धाम में भगवान भोलेनाथ के गोपीश्वर स्वरूप के प्राकट्य एवं उससे जुड़े धार्मिक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा प्रसंगों का श्रवण कर श्रद्धालु भक्तिभाव से भावविभोर हो गए।
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान शिव की महिमा का श्रवण कर कथा का लाभ लिया। पांच दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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