श्री अखाड़ा मंदिर में आयोजित स्वागत एवं स्नेह मिलन कार्यक्रम के दौरान मंदिर विकास कार्यों के लिए पूर्व में स्वीकृत राशि के उपयोग को लेकर सवाल उठाए गए। मंदिर अध्यक्ष श्री कैलाश जी अग्रवाल ने श्री राजेश जी चपलोत, श्री रौनक जी गर्ग, श्री धर्मेश जी चपलोत, श्री निखिल जी खण्डेलवाल, श्री भेरूलाल जी बाफना, श्री विकास जी पिपाड़ा एवं श्री शिवपुरी जी गोस्वामी का स्वागत किया।

कार्यक्रम में प्रभु श्री के आशीर्वाद के बाद महंत श्री शिव शंकर दास जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इस दौरान मंदिर अध्यक्ष श्री कैलाश जी अग्रवाल एवं श्री जगदीश जी मुंदड़ा ने मंदिर से संबंधित विकास कार्यों और पूर्व में स्वीकृत राशि के उपयोग को लेकर जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि पूर्व कार्यकाल में नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री नितिन जी सेठिया के कार्यकाल के दौरान विधायक कोष से श्री अखाड़ा मंदिर के लिए ₹10 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी। उनके अनुसार, इस राशि में से ₹6.50 लाख ही मंदिर समिति को विकास कार्यों के लिए उपलब्ध करवाए गए। इसके साथ ही उन्होंने पिछले वर्ष दशहरे के अवसर पर प्रभु श्रीराम जी की शोभायात्रा के लिए नगरपालिका की ओर से स्वीकृत ₹2.50 लाख की राशि का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इसमें से ₹1.50 लाख शोभायात्रा के आयोजन में खर्च किए गए, जबकि शेष ₹1 लाख की राशि को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।

श्री कैलाश जी अग्रवाल एवं श्री जगदीश जी मुंदड़ा ने दोनों मामलों में पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री नितिन जी सेठिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए स्वीकृत राशि के पूर्ण और पारदर्शी उपयोग का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मंदिर जैसी धार्मिक एवं आस्था से जुड़ी संस्था के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अभिलेख और खर्च का विवरण सार्वजनिक कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की।

इन आरोपों और सवालों पर फतहनगर के पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री नितिन सेठिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ₹10 लाख की जो राशि स्वीकृत हुई है, वह विधायक धर्मेंद्र जोशी के समय पर हुई है। उन्होंने कहा कि उनके समय पर न तो भुगतान किया गया और न ही कार्य पूर्ण हुआ है। श्री नितिन सेठिया के अनुसार, यह कार्य निर्माण समिति का है और जो भी कार्य होता है, वह टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से होता है। उन्होंने कहा कि टेंडर राशि के अनुसार कार्य दिया जाता है।

इस मामले में मंदिर विकास के लिए स्वीकृत राशि, उसके उपयोग और टेंडर प्रक्रिया को लेकर मंदिर पक्ष की ओर से उठाए गए सवाल तथा श्री नितिन सेठिया की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण दोनों सामने आए हैं। संबंधित अभिलेख और खर्च का विवरण सार्वजनिक किए जाने की मांग के बाद राशि के उपयोग को लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।

Bhupesh Prajapat (Udaipur)

Bhupesh Prajapat (Udaipur)

नाम: भूपेश प्रजापत

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: मावली (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति और क्राइम (अपराध)

परिचय 

भूपेश प्रजापत मावली क्षेत्र के ग्राउंड रिपोर्टर हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय राजनीति और आपराधिक मामलों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही वह क्षेत्र की जन समस्याओं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों व उनकी जांच पर नियमित रूप से समाचार कवर करते हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

भूपेश प्रजापत शैक्षणिक रूप से स्नातक (Graduate) हैं।

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