नाथद्वारा। विश्व प्रसिद्ध पुष्टिमार्गीय प्रधानपीठ श्रीजी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से गठित 'दर्शन सर्वांगीण विकास समिति' की एक विशेष बैठक मंदिर मंडल कार्यालय में आयोजित हुई। मंदिर मंडल सीईओ जितेंद्र कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में समिति के सदस्यों ने मंदिर में वर्तमान में संचालित फेस रिकॉग्निशन सिस्टम और क्यूआर टर्नस्टाइल गेट आधारित दर्शन व्यवस्था का विस्तृत पुनरीक्षण किया। पीठाधीश्वर तिलकायत महाराज की आज्ञा एवं गोस्वामी चिरंजीव विशाल बावा के कुशल मार्गदर्शन में मंदिर मंडल द्वारा अपनाई गई आधुनिक तकनीक का सकारात्मक प्रभाव श्रद्धालुओं के अनुभव पर पड़ रहा है।

सीईओ जितेंद्र कुमार पाण्डेय ने बैठक के दौरान बताया कि मंदिर में लागू की गई अत्याधुनिक चेहरा पहचानने वाली तकनीक और कोड आधारित टर्नस्टाइल गेट्स ने दर्शन प्रक्रिया को न केवल अत्यंत सरल और सुरक्षित बनाया है, बल्कि पूर्व में व्याप्त अवांछित भीड़ और प्रशासनिक धांधली पर भी पूरी तरह से अंकुश लगा दिया है। दर्शन सर्वांगीण विकास समिति के निरीक्षण में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि पूर्व में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा दर्शनार्थियों को गुमराह कर अवैध वसूली की जाती थी, साथ ही मनोरथ की रसीदों का दुरुपयोग कर उन्हें ऊंचे दामों पर कालाबाजारी के जरिए बेचा जाता था। इन अनुचित गतिविधियों के कारण मंदिर को आर्थिक क्षति होने के साथ ही वास्तविक मनोरथियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था।

अब फेस रिकॉग्निशन तकनीक के माध्यम से वास्तविक मनोरथी की पहचान तत्काल सुनिश्चित हो जाती है, जिससे रसीदों के अवैध हस्तांतरण या ब्लैक करने की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो गई है। वीआईपी और सम्मुख दर्शन को पारदर्शी बनाने के लिए स्थापित किए गए क्यूआर स्कैनिंग टर्नस्टाइल गेट्स ने आम श्रद्धालुओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी को पूर्णतः खत्म कर दिया है। इस पारदर्शी व्यवस्था के चलते बिचौलियों का हस्तक्षेप समाप्त हुआ है और अब वह धनराशि, जो पूर्व में कतिपय लोगों की जेब में जाती थी, वह सीधे मंदिर मंडल के खाते में जमा हो रही है, जिससे मंदिर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

दर्शनार्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समिति के सुझावों और गोस्वामी विशाल बावा के मार्गदर्शन में मंदिर प्रशासन ने निशक्तजनों, वृद्धजनों, गर्भवती और प्रसूति माताओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित की है। साथ ही, ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर सभी दर्शनार्थियों के लिए छाया और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सीईओ पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि कुछ लोगों द्वारा ज्ञापन के माध्यम से नई दर्शन व्यवस्था के विरुद्ध किया जा रहा प्रचार पूर्णतः भ्रामक और निराधार है; वास्तव में यह व्यवस्था अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए ही प्रभावी है। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में समिति सदस्य सुधाकर उपाध्याय, लीलाधर पुरोहित, अनिल सनाढ्य, डॉ. आरपी शर्मा, प्रमोद सनाढ्य, दशरथ सिंह चौहान, ध्रुव तिवारी, मनोज लखोटिया और निशांत गुर्जर उपस्थित रहे।

Pratahkal HQ

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