शरद पवार का पीएम मोदी को समर्थन और उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए नए नियम
शरद पवार ने राष्ट्रीय हित में मोदी सरकार के कार्यों की सराहना की, साथ ही उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए आधार बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने पुणे में पीएम मोदी के प्रयासों की प्रशंसा की, वहीं केंद्र सरकार ने उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए वार्षिक बायोमेट्रिक केवाईसी अनिवार्य कर दी है।
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की है। पुणे स्थित लक्ष्मणराव गुट्टे रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा आयोजित पूर्व राज्य और जिला पदाधिकारियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए पवार ने स्पष्ट किया कि यद्यपि उनकी राजनीतिक विचारधारा प्रधानमंत्री से भिन्न है, तथापि राष्ट्र के सम्मान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बनाए रखने के प्रयासों के संदर्भ में प्रधानमंत्री की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि जब बात देश के गौरव और राष्ट्रीय हित की हो, तो राजनीतिक मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए और सभी को साझा उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एकजुट होकर आगे आना चाहिए।
उज्ज्वला योजना लाभार्थियों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य, सब्सिडी पर रोक का खतरा
जयपुर। केंद्र सरकार ने उज्ज्वला गैस योजना के तहत एक बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए लाभार्थियों के लिए प्रतिवर्ष बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय ने इस संदर्भ में तेल कंपनियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत, यदि कोई लाभार्थी वर्ष में सात रिफिल लेने के बाद आठवीं रिफिल बुक करता है, तो उसे सब्सिडी का लाभ पाने हेतु बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करवाना आवश्यक होगा। यह निर्णय उन निष्क्रिय या अपात्र कनेक्शनों को चिन्हित करने के उद्देश्य से लिया गया है, जो मृत व्यक्तियों के नाम पर हैं या जिनके उपयोगकर्ता स्थानांतरित हो चुके हैं। सरकार का लक्ष्य लाभार्थियों का एक सटीक और फ्रेश डेटा तैयार करना है। राजस्थान में लगभग 73 लाख उज्ज्वला कनेक्शन धारक इस नई व्यवस्था से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। मंत्रालय ने उन सभी उपभोक्ताओं के लिए 30 जून की समय सीमा निर्धारित की है, जिन्होंने अब तक एक बार भी आधार आधारित ई-केवाईसी नहीं करवाई है। निर्धारित तिथि तक सत्यापन न कराने की स्थिति में संबंधित उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी जून माह के बाद रोक दी जाएगी।

