शांता देवी डामोर ने पलसिया में रचा इतिहास, 31 साल से लगातार संभाल रहीं सरपंच पद
खेरवाड़ा की पलसिया ग्राम पंचायत से शांता देवी डामोर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कैलाश मीणा को 797 मतों से हराकर एक बार फिर दर्ज की जीत।

खेरवाड़ा की पलसिया पंचायत चुनाव में 797 वोटों से जीतकर शांता देवी डामोर लगातार 31वीं बार सरपंच बनीं।
खेरवाड़ा। पलसिया ग्राम पंचायत में शांता देवी डामोर ने लगातार जीत का नया इतिहास रच दिया है। वर्ष 1995 से सरपंच पद पर लगातार निर्वाचित होती आ रहीं शांता देवी डामोर ने एक बार फिर चुनाव जीतकर अपना राजनीतिक वर्चस्व बरकरार रखा है। इस तरह उन्होंने करीब 31 वर्षों तक लगातार सरपंच पद पर बने रहने का अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया है।
अपने लंबे कार्यकाल के दौरान शांता देवी डामोर ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में विकास के विभिन्न कार्य करवाए। पंचायत क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़, जनसंपर्क और विकास कार्यों के चलते मतदाताओं का उनके प्रति विश्वास लगातार बना रहा। यही वजह रही कि प्रत्येक चुनाव में उन्हें मतदाताओं का समर्थन मिलता रहा और इस बार भी उन्होंने जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की।
वर्तमान पंचायत चुनाव में शांता देवी डामोर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कैलाश मीणा को 797 मतों से पराजित कर एक बार फिर सरपंच पद पर कब्जा जमाया। उल्लेखनीय है कि शांता देवी डामोर खेरवाड़ा पंचायत समिति के पूर्व प्रधान अमृतलाल डामोर की धर्मपत्नी हैं। वह लगातार भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरती रही हैं।
वर्ष 1995 से अब तक लगातार सरपंच पद पर निर्वाचित होने और करीब 31 वर्षों तक इस पद पर बने रहने की उनकी उपलब्धि ने पलसिया ग्राम पंचायत ही नहीं, बल्कि पूरे खेरवाड़ा क्षेत्र में इस चुनावी जीत को चर्चा का विषय बना दिया है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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