मूर्तिकार नरेश कुमावत ने फतहनगर के गढ़वाड़ा विद्यालय में विद्यार्थियों को किया प्रेरित
विश्वास स्वरूपम के निर्माता कुमावत ने गढ़वाड़ा राजकीय विद्यालय के छात्रों के साथ कला और सफलता के अनुभव साझा किए; कार्यक्रम में आईआईटी के प्रोफेसर भी रहे मौजूद।

फतहनगर। कला जगत के प्रतिष्ठित हस्ताक्षर और विश्वविख्यात मूर्तिकार नरेश कुमावत ने हाल ही में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, गढ़वाड़ा (भानसोल) का दौरा कर विद्यार्थियों के साथ प्रेरक संवाद किया। पिलानी (झुंझुनू) निवासी श्री कुमावत नाथद्वारा में नवनिर्मित श्रीजी हनुमान जी की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह में सम्मिलित होने मेवाड़ पधारे थे। इसी प्रवास के दौरान उन्होंने भावी पीढ़ी का मार्गदर्शन कर उन्हें कला और सृजनात्मकता के प्रति जागरूक किया।
उल्लेखनीय है कि श्री नरेश कुमावत ने ही नाथद्वारा में स्थापित विश्वप्रसिद्ध महादेव प्रतिमा "विश्वास स्वरूपम" तथा श्रीजी हनुमान जी की विशाल मूर्तियों का सृजन किया है, जो वर्तमान में मेवाड़ की अटूट आस्था और सांस्कृतिक गौरव के वैश्विक प्रतीक बन चुके हैं। देश-दुनिया में अब तक 100 से अधिक अद्वितीय एवं विशालकाय प्रतिमाओं का निर्माण कर चुके कुमावत की शिल्पकला का लोहा आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माना जाता है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार कंसवा के विशेष आमंत्रण पर आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में श्री कुमावत ने विद्यार्थियों को चित्रकला एवं मूर्तिकला के सूक्ष्म पहलुओं से अवगत कराया। अपने जीवन संघर्ष और अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने छात्र-छात्राओं को सफलता का मूलमंत्र दिया। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी अपने जीवन में दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास और रचनात्मक सोच को समाहित कर लें, तो विश्व का कोई भी लक्ष्य उनके लिए अप्राप्त नहीं है।
इस अवसर पर आईआईटी भुवनेश्वर के प्रोफेसर डॉ. दिनकर पासला, इंजीनियर शरद गुप्ता एवं समाजसेवी महेंद्र चंदवा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेवाड़ की यह पावन धरा सदैव वीरता, त्याग और गौरवशाली संस्कृति की परिचायक रही है। उन्होंने यह मंगल भावना भी व्यक्त की कि भविष्य में इसी माटी पर महाराणा प्रताप जैसे महान जननायकों की भव्य प्रतिमाएं स्थापित हों, जो आगामी पीढ़ियों के लिए चिरंतन प्रेरणा का स्रोत बनें।
इससे पूर्व विद्यालय आगमन पर संस्था प्रधान एवं समस्त विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का उपरणा, शॉल और मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर भावभीना स्वागत-अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया और उन्होंने कला के विविध आयामों को समझने में गहरी अभिरुचि दिखाई। यह संवाद सत्र विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और मार्गदर्शक सिद्ध हुआ।

Vikas Chawada (Udaipur)
नाम: विकास चावड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता (दैनिक प्रातःकाल, फतहनगर क्षेत्र)
कार्यक्षेत्र: फतहनगर, तहसील: मावली, जिला: उदयपुर (राजस्थान)
अनुभव: साल 2020 से लगातार सक्रिय
बीट और मुख्य विषय
- स्थानीय समाचार: तहसील मावली के विभिन्न गांवों सहित फतहनगर-सनवाड़ पालिका क्षेत्र के स्थानीय समाचारों की नियमित कवरेज।
- राजनैतिक एवं क्राइम: क्षेत्र की राजनीतिक हलचल, कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग।
- जन समस्याएं व समसामयिक विषय: स्थानीय नागरिकों की समस्याएं, बुनियादी सुविधाएं और समसामयिक मुद्दों पर नियमित लेखन व रिपोर्टिंग।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
हायर सेकेंडरी
