खेरवाड़ा स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखा में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक ने डिजिटल सुरक्षा और वित्तीय जागरूकता का नया अध्याय लिखा। गुरुवार शाम को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में एनआरआई और स्थानीय व्यवसायियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की, जहाँ चर्चा का केंद्र 'साइबर अपराध से सुरक्षा' और 'विवेकपूर्ण निवेश' रहा। बढ़ते डिजिटल खतरों के बीच, इस बैठक ने न केवल उपस्थित लोगों को सचेत किया, बल्कि उन्हें बैंकिंग की जटिलताओं से सुरक्षित निकलने के गुर भी सिखाए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैंक के मुख्य प्रबंधक रविन्द्र सिन्हा ने डिजिटल युग में छिपकर बैठे खतरों की गंभीरता को उजागर किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारियां साझा करना किसी बड़ी मुसीबत को न्योता देने जैसा है। सिन्हा ने ऑनलाइन ठगी के विभिन्न आधुनिक तरीकों, संदिग्ध कॉल्स, भ्रामक मैसेज और खतरनाक लिंक्स से सतर्क रहने की अनिवार्य सलाह दी। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे छोटी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है, और इस दौरान उन्होंने बचाव के पुख्ता उपायों पर भी गहन प्रकाश डाला।

सुरक्षा के साथ-साथ निवेश की बारीकियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैंक अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को विभिन्न बैंकिंग और निवेश योजनाओं के लाभ समझाते हुए उनके सवालों का समाधान किया, ताकि वे भविष्य के लिए अपनी पूंजी को न केवल सुरक्षित रख सकें बल्कि उसका बेहतर लाभ भी उठा सकें। कार्यक्रम के समापन पर उप शाखा प्रबंधक आनंद कुमार ने उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहना ही आज के समय में सबसे सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार है। यह बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि डिजिटल दौर में वित्तीय सतर्कता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

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Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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