खेरवाड़ा: एसबीआई ग्राम सेवा शिविर ने बदली ग्रामीणों की तस्वीर, डिजिटल सेवाओं से मिली राहत
खेरवाड़ा के असारीवाड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ने कैसे बदली ग्रामीणों की जीवनशैली? डिजिटल क्रांति और सरकारी योजनाओं के द्वार अब गाँवों तक पहुँच गए हैं। जानें, इस पहल से ग्रामीणों को मिली डिजिटल सेवाओं की बड़ी राहत की कहानी।

खेरवाड़ा के असारीवाड़ा में एसबीआई फाउंडेशन और अर्पण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित ग्राम सेवा शिविर में परियोजना टीम ग्रामीणों को सरकारी डिजिटल सेवाएं प्रदान कर रही है।
खेरवाड़ा के असारीवाड़ा ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर स्थानीय ग्रामीणों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। इस शिविर में अर्पण सेवा संस्थान और एसबीआई फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित 'ग्राम सेवा परियोजना' ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए ग्रामीणों को उनके ही घर के समीप डिजिटल सेवाओं का लाभ पहुँचाया है। यह पहल न केवल सरकारी सुविधाओं को सरल बनाने का एक प्रयास है, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए समय और धन की बचत करने वाला एक अत्यंत प्रभावी कदम साबित हो रही है।
शिविर के दौरान विशेष रूप से स्थापित ग्राम सेवा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को ई-मित्र सेवाओं का व्यापक लाभ प्रदान किया गया। परियोजना के कुशल मार्गदर्शन में, टीम ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ उनके ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज़ संबंधी जटिलताओं को सुलझाने और विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र बनवाने में सक्रिय सहयोग दिया। इस दौरान जन आधार पंजीकरण सहित अन्य आवश्यक डिजिटल सेवाओं के लिए आवेदनों की प्रक्रिया को पूरी तत्परता के साथ संपन्न कराया गया। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में परियोजना प्रबंधक मुकेश मीणा और उनकी समर्पित टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे ग्रामीणों को सरकारी तंत्र की बारीकियों को समझने और उन तक पहुँचने में सुगमता हुई।
ग्रामीणों के लिए अपने गाँव के भीतर ही इन सुविधाओं की उपलब्धता एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है। अब तक सरकारी कामों के लिए मीलों दूर जाने और लंबी लाइनों में लगने की मजबूरी से ग्रामीणों को मुक्ति मिली है। स्थानीय निवासियों ने परियोजना की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए इसे जनहित में एक अत्यंत सराहनीय और आवश्यक कदम बताया है। सरकारी सेवाओं के सरलीकरण की यह दिशा न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाती है, बल्कि समावेशी विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करती है, जिससे ग्रामीण जीवन में एक सकारात्मक और प्रगतिशील बदलाव देखने को मिल रहा है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
