राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद पहली बार उदयपुर पहुंचे भाजपा नेता सतीश पूनिया का भव्य स्वागत। कार्यकर्ताओं के बीच उमड़ा जनसैलाब और सम्मान समारोह की वे खास झलकियाँ जो दिखाती हैं एक राजनेता के साथ जन जुड़ाव की अनूठी कहानी।

"मैं कार्यकर्ता था, हूं और एक कार्यकर्ता ही रहूंगा।" यह उद्घोष राजस्थान की राजनीति में अपनी सरल कार्यशैली और कार्यकर्ताओं के प्रति जुड़ाव के लिए पहचाने जाने वाले नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री सतीश पूनिया के व्यक्तित्व का सार है। हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के उपरांत जब श्री पूनिया का प्रथम उदयपुर आगमन हुआ, तो शहर के भुवाणा स्थित एवरेस्ट रिसॉर्ट में आयोजित अभिनंदन समारोह में उनका स्वागत करने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह आयोजन न केवल उनके निर्वाचन का उत्सव था, बल्कि उनके प्रति कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के अगाध स्नेह का प्रमाण भी बना।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए शहर विधायक श्री ताराचंद जैन ने अपने स्वागत उद्बोधन में श्री सतीश पूनिया के राजनीतिक सफर और उनके सहज स्वभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्री पूनिया की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे जमीनी स्तर के हर कार्यकर्ता को नाम से जानते हैं और उनसे सीधा संवाद रखते हैं। इस गरिमामयी मंच पर ग्रामीण विधायक श्री फूलसिंह मीणा, सलूंबर विधायक श्रीमती शांता मीणा, श्री मांगीलाल जोशी, श्री चंद्रगुप्त सिंह चौहान, रविंद्र श्रीमाली, दिनेश भट्ट, राजकुमार चितौड़ा और राजेश वैष्णव सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। इन सभी नेताओं ने श्री पूनिया के जीवन वृतांत और उनके संघर्षपूर्ण राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए उनके राज्यसभा पहुंचने को संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

अभिनंदन समारोह में उदयपुर की सामाजिक समरसता की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली। इस कार्यक्रम में कलाल समाज, सेन समाज, खटीक समाज, जैन समाज, विप्र फाउंडेशन और डांगी समाज सहित अनेक स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की। उदयपुर देहात की सभी विधानसभाओं से आए कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ इस बात को सिद्ध कर रही थी कि श्री सतीश पूनिया की पकड़ कार्यकर्ताओं के बीच कितनी गहरी है। कार्यक्रम का सफल संचालन और आयोजन की जिम्मेदारी श्री आकाश वागरेचा ने निभाई।

यह आयोजन स्पष्ट करता है कि शीर्ष संवैधानिक पदों पर पहुंचने के बावजूद श्री सतीश पूनिया की पहचान एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में ही बनी हुई है। कार्यकर्ताओं और आमजन द्वारा दिया गया यह स्नेह उनके भविष्य के राजनीतिक और सामाजिक योगदान के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करने वाला है।

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