सावन लहरिया उत्सव में भक्ति और उल्लास का संगम, लड्डू गोपाल की पूल पार्टी में झूमीं सदस्याएं
भीलवाड़ा में साथिया संस्कृति ग्रुप के सावन लहरिया उत्सव में पार्थिव शिवलिंग, बारह ज्योतिर्लिंगों की झांकी और लड्डू गोपाल की पूल पार्टी हुई।

तस्वीर में साथिया संस्कृति ग्रुप की सदस्याएं निजी वाटिका में सावन लहरिया उत्सव के दौरान पारंपरिक परिधानों में नजर आ रही हैं।
सावन के पावन महीने में साथिया संस्कृति ग्रुप की सदस्याओं ने भक्ति, परंपरा, संस्कृति और उल्लास के साथ सावन लहरिया उत्सव मनाया। निजी वाटिका में आयोजित इस आयोजन में रंग-बिरंगे लहरिया परिधानों में सजी सदस्याओं ने लड्डू गोपाल की पूल पार्टी सहित विभिन्न धार्मिक और मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत रही। सावन के अवसर पर सदस्याओं ने पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया तथा बारह ज्योतिर्लिंगों की आकर्षक झांकी सजाकर सभी को उनके दर्शन करवाए। शिव आराधना और पूजा-अर्चना के दौरान वातावरण भक्तिमय हो गया। सदस्याओं ने भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सर्वांगीण मंगल की कामना की।
धार्मिक आयोजन के बाद उत्सव में मनोरंजन और उमंग का दौर शुरू हुआ। लड्डू गोपाल की पूल पार्टी में सदस्याओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। सावन के पारंपरिक लहरिया परिधानों और श्रृंगार में सजी महिलाओं ने पूल पार्टी का आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान भजनों की मधुर प्रस्तुतियों पर सदस्याएं झूमती नजर आईं।
ग्रुप अध्यक्ष रेखा लढा ने बताया कि सावन का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक भावना को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में भक्ति के साथ मनोरंजन का भी समावेश किया गया। भगवान ठाकुर जी को छप्पन भोग अर्पित किया गया। उत्सव के दौरान सदस्याओं ने भजनों पर झूमते हुए आयोजन का भरपूर आनंद लिया। इसके बाद सभी सदस्याओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
रेखा लढा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रुप की सदस्याओं को एक साथ जोड़ते हुए भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सावन की खुशियों को साझा करना था। कार्यक्रम में सभी सदस्याओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ सहभागिता निभाई। भजनों, धार्मिक आयोजन, लहरिया उत्सव और पूल पार्टी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्रुप की बोर्ड मेंबर रेखा सोडाणी, रेखा लढा, नीतू मालू, शताक्षी पोरवाल, सोनाली अजमेरा, हेमलता पोरवाल, रेनू समदानी, सरोज लढा, शीला तोशनीवाल एवं सीमा गोयल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तत्परता के साथ संभालते हुए आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाया।
सावन लहरिया उत्सव के दौरान सदस्याओं के बीच आपसी स्नेह, सौहार्द और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जहां पार्थिव शिवलिंग और बारह ज्योतिर्लिंगों की झांकी ने धार्मिक आस्था को मजबूत किया, वहीं छप्पन भोग, भजनों और लड्डू गोपाल की पूल पार्टी ने आयोजन में उल्लास और मनोरंजन का रंग भर दिया। इस तरह साथिया संस्कृति ग्रुप का सावन उत्सव भक्ति, संस्कृति, परंपरा और आपसी स्नेह का यादगार संगम बन गया।

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