सलूम्बर में जिला चिकित्सालय का नामकरण विवाद: कांग्रेस ने डीएमओ को सौंपा ज्ञापन, राजनीतिक घमासान तेज
सलूम्बर में जिला चिकित्सालय के नामकरण को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया। कांग्रेस ने जिला चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दिवंगत विधायक स्व. अमृतलाल मीणा के नाम पर नामकरण के विरोध में आवाज उठाई।

सलूम्बर। जिले के स्वास्थ्य ढांचे में अहम बदलाव की तैयारी के बीच, जिला चिकित्सालय के नामकरण को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। धारोद रोड के गुड़ गांव के पास करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे जिला चिकित्सालय का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और कुछ महीनों में इसे जिला मुख्यालय में स्थानांतरित किया जाना है।
जिला चिकित्सालय के नामकरण को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी, दिवंगत क्षेत्रीय विधायक स्व. अमृतलाल मीणा के नाम पर चिकित्सालय का नामकरण करवाने की योजना बना रही है। भाजपा के कुछ नेताओं की ओर से जयपुर में कई मंत्रियों और अधिकारियों से इस नामकरण के लिए संपर्क किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
कांग्रेस ने इस मामले पर विरोध जताते हुए जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार और खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश दोशी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में बजट सत्र में सलूम्बर को जिला चिकित्सालय की सौगात मिली थी। बजट की स्वीकृति और शिलान्यास के साथ निर्माण कार्य भी उनके कार्यकाल में शुरू हुआ था।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि वर्तमान में भाजपा विधायक शांता अमृतलाल मीणा अधिकारियों पर दबाव डालकर जिला चिकित्सालय का नाम अपने पति स्व. अमृतलाल मीणा के नाम पर करने का प्रयास कर रही हैं। कांग्रेस का موقف है कि यदि नामकरण किया ही जाना है तो इसे अन्य महापुरुषों जैसे हाड़ीरानी, कालीबाई, राणा पुंजा, बिरसामुण्डा आदि के नाम पर किया जाना चाहिए।
ज्ञापन पीसीसी सदस्य अधिवक्ता परमानंद मेहता, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मणसिंह राठौड़, नगर अध्यक्ष सुनील सेवक, सभापति प्रद्युम्न कोड़िया, उपसभापति अब्दुल रउफ खान और अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित कर सौंपा गया। इस विवाद ने जिले में स्वास्थ्य सेवा विकास की प्रक्रिया में राजनीतिक दबाव और नामकरण को लेकर व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है।
जिला चिकित्सालय का नामकरण केवल एक प्रतीकात्मक मामला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की राजनीतिक संवेदनाओं और जनता की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। आने वाले समय में इस विवाद का असर जिले की सियासी तस्वीर और स्वास्थ्य क्षेत्र की नीतियों पर भी पड़ सकता है।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
