सागवाड़ा सुंदरकांड पाठ: मंगलम् विहार में 784वें संगीतमय आयोजन में झूमे श्रद्धालु
मानस मंडल सेवा संस्थान द्वारा डूंगरपुर मार्ग पर भजन संध्या का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने भक्ति संगीत के साथ राष्ट्रगान गाकर राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।

सागवाड़ा (प्रातःकाल संवाददाता)। नगर के डूंगरपुर मार्ग वड़ियों का डूंगरा के पास स्थित मंगलम् विहार में शनिवार शाम को भक्ति का एक अनूठा सैलाब उमड़ पड़ा। अवसर था मानस मंडल सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित 784वें भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ एवं विशाल भजन संध्या का, जिसमें देर रात तक भक्तगण भावविभोर होकर झूमते रहे।
यजमान राहुल एवं देवीलाल पटेल के निवास स्थान पर आयोजित इस गरिमामय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ बेहद भव्य तरीके से हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंडल के जितेंद्र सुथार और कर्मवीर सिंह ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम एवं संकटमोचन हनुमान जी के चित्र पर पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर तथा माल्यार्पण कर विधि-विधान से पूजन संपन्न किया। इसके पश्चात कमलेश रावल और सौरभ भट्ट ने गणपति वंदना एवं सरस्वती वंदना की मधुर प्रस्तुतियां दीं, जबकि धार्मिक पंचाल ने पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ हनुमान जी का आह्वान किया।
इस पावन अवसर पर मानस मंडल सेवा संस्थान की ओर से भरत भट्ट ने यजमान परिवार का माल्यार्पण कर तथा उपरना ओढ़ाकर भावभीना स्वागत एवं अभिनंदन किया। सनातन संस्कृति के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति को सर्वोपरि मानते हुए 'राष्ट्र देवो भव' की पावन भावना के अंतर्गत वहां उपस्थित समस्त श्रद्धालुओं ने एक साथ मिलकर गौरवपूर्ण तरीके से राष्ट्रगान का गायन किया।
तत्पश्चात, भक्ति संगीत का मुख्य दौर शुरू हुआ। मंडल के नकुल गोगरोत एवं हेमंत भट्ट की टीम ने अपनी सुरीली आवाज में सुंदरकांड पाठ की चौपाइयों का अत्यंत कर्णप्रिय और संगीतमय भजनों के स्वरों पर गायन कर पूरे वातावरण को आलौकिक बना दिया। देर रात तक चले इस भजनों के सिलसिले में जब "जगन्नाथ चक्का नैन नीलाचल वारे" और "एकली खड़ी रे मीरा एकली खड़ी" जैसे सुप्रसिद्ध धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं, तो पंडाल में मौजूद मंगलम् विहार के सैकड़ों भक्त खुद को रोक नहीं पाए और भक्ति के चरम आनंद में सराबोर होकर जमकर नृत्य करने लगे। इस भव्य और सफल आयोजन ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं के दिलों में गहरी आध्यात्मिक छाप छोड़ी है।

