सागवाड़ा। नगर के गोरेश्वर मार्ग स्थित लिमडी गांव के पास बहने वाली मोरन नदी के पानी में शनिवार को एक अज्ञात युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को पानी से बाहर निकलवाया और शिनाख्तगी के लिए राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। शनिवार देर रात को मृतक की पहचान नगर के गामठवाड़ा निवासी दिलीप उर्फ ईलू (26) पुत्र फुलिया खराड़ी के रूप में हुई, जो यादव कॉलोनी के पीछे, वार्ड नंबर 26, गामठवाड़ा का निवासी था। परिजनों की लिखित रिपोर्ट के बाद रविवार सुबह शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।

थाना प्रभारी मनीष खोईवाल ने घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 16 मई को पुलिस को सूचना मिली थी कि लिमडी गांव के पास मोरन नदी के पानी में एक लाश तैर रही है। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआई अश्विन कुमार मय जाब्ता (पुलिस बल) तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला और मौके पर मौजूद लोगों से उसकी शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन तत्काल सफलता नहीं मिली। इसके बाद शव को नगर के राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया।

शनिवार देर शाम को शव की पहचान होने पर मृतक की मां श्रीमती हुंगा (60) पत्नी फुलिया खराड़ी, निवासी यादव कॉलोनी के पीछे, वार्ड नंबर 26, गामठवाड़ा, सागवाड़ा ने थाने में उपस्थित होकर एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि उनका 26 वर्षीय पुत्र दिलीप उर्फ ईलू खराड़ी गत 13 मई को घर से यह कहकर निकला था कि वह गोरेश्वर मंदिर दर्शन करने जा रहा है। जब वह देर शाम तक वापस घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी आसपास और अपने रिश्तेदारों में काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई अता-पता नहीं चला।

गमगीन मां ने रिपोर्ट में आगे बताया कि 16 मई को उन्हें सूचना मिली कि लिमडी के शमशान घाट के पास मोरन नदी के पानी में एक अज्ञात लाश मिली है। जब पड़ोसियों ने जाकर देखा, तो उस शव की शिनाख्त दिलीप उर्फ ईलू खराड़ी के रूप में हुई। मां के अनुसार, उनका पुत्र दिलीप मोरन नदी में नहाने के लिए उतरा था, लेकिन तैरना नहीं आने के कारण गहरे पानी में डूबने से उसकी असामयिक मृत्यु हो गई। सागवाड़ा थाना पुलिस ने इस संबंध में मर्ग दर्ज कर लिया है और मामले की आधिकारिक जांच हेड कांस्टेबल वालचन्द्र के जिम्मे सौंप दी है। इस दुखद हादसे के बाद गामठवाड़ा क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है और एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझने से परिजन गहरे सदमे में हैं।

Pratahkal HQ

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