सागवाड़ा (प्रात:काल संवाददाता)। नगर के निकटवर्ती कोकापुर और भासौर के मध्य आंतरी रेंज के जंगलों में सोमवार रात लगी भीषण आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि उन्होंने आसपास के वन क्षेत्र को तेजी से अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान की आशंका पैदा हो गई है।

घटना के दौरान, इसी मार्ग से गुजर रहे एवाएएसपी (EVASP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार ने जंगल में आग की भीषण लपटें देखीं। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालते हुए तत्परता दिखाई और स्वयं आग बुझाने का प्रयास किया। मुकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने तत्काल सहायता के लिए आपातकालीन सेवा नंबर 101 और 112 पर कई बार कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन लंबे समय तक उन्हें कोई प्रतिक्रिया या जवाब नहीं मिला। प्रशासनिक सहायता न मिलने पर उन्होंने विवश होकर अपने गमछे की सहायता से आग पर काबू पाने की जद्दोजहद शुरू की। इस दौरान आग की तीव्रता के चलते उनका गमछा भी जल गया।

कई मिनटों तक लगातार संघर्ष करने के बावजूद आग बेकाबू होकर तेजी से फैलती रही। अत्यधिक गर्मी, दमघोंटू धुएं और जंगली जानवरों के संभावित खतरे को देखते हुए, मुकेश कुमार को अंततः पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस संवेदनशील स्थिति में भी फायर ब्रिगेड की ओर से कोई सहायता मौके पर नहीं पहुंच सकी, जो वन विभाग और दमकल सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। इस घटना ने एक ओर जहां पर्यावरण संरक्षण की चिंता बढ़ा दी है, वहीं आपातकालीन सेवाओं की सुस्ती ने स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश भी उत्पन्न कर दिया है।

Pratahkal HQ

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