सागवाड़ा: चारभुजा मंदिर में भागवत कथा के दूसरे दिन संतों ने दिए प्रवचन
सागवाड़ा के माण्डवी चौक स्थित चारभुजा मंदिर में आयोजित भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक हरीश पण्डया ने धैर्य और सहनशीलता के महत्व पर प्रकाश डाला।

सागवाड़ा। नगर के माण्डवी चौक स्थित चारभुजा मंदिर में भागवत सत्संग समिति द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन भक्ति और ज्ञान की त्रिवेणी प्रवाहित हुई। कथा वाचक हरीश पण्डया ने आध्यात्मिक प्रवचन देते हुए कहा कि संत का सान्निध्य जीवन का परम सौभाग्य है और जो समस्त परिस्थितियों में धैर्य व सहनशीलता का परिचय दे, वही वास्तविक संत है।
आयोजन के द्वितीय दिवस पर मुख्य यजमान रामलाल भोई एवं उनके परिवार के साथ समिति के सदस्य श्याम भट्ट, भगवान सेवक, जितेन्द्र सुथार, भारत शर्मा, विनोद गर्ग, अमरीश त्यागी, प्रदीप गुप्ता एवं गिरीश सोमपुरा ने पंडित विनय शुक्ला के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पोथी पूजन कर अनुष्ठान को गति प्रदान की। कथा वाचक पण्डया ने गंगा के महत्व को रेखांकित करते हुए शुक्रदेव महाराज के प्राकट्य की पावन कथा का रसपान कराया। इस दौरान उन्होंने चतु:श्लोकी भागवत का गायन किया और श्रोताओं को बताया कि इसके श्रवण मात्र से इक्कीस पीढ़ियों का कल्याण सुनिश्चित होता है। कथा के दौरान पण्डया ने भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया।
सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए संत कीर्ति राम महाराज ने कहा कि मानव जीवन में सत्संग की उपस्थिति अनिवार्य है, जो मनुष्य को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करती है। कथा के समापन पर मुख्य यजमान परिवार और प्रसाद यजमान मनोज शाह द्वारा सामूहिक आरती की गई। इस अवसर पर पौराणिक जयदेव शुक्ला, जगदीश टेलर, आनंद शर्मा, प्रकाश व्यास, सुदेश भाटिया, किशोर भट्ट, देवीलाल सोनी एवं सुधीर वाडेल सहित समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पत्रकार जयदीप जोशी द्वारा प्रेषित छायाचित्रों में कथा वाचक पण्डया और श्रद्धालुओं की भक्तिपूर्ण सहभागिता स्पष्ट झलक रही थी। यह आयोजन क्षेत्र में धर्म और संस्कृति के प्रति गहरी आस्था का संचार कर रहा है।

