गुप्त नवरात्रि नवमी पर श्री रूद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ में वृष्टि अनुष्ठान, अच्छी वर्षा व जनकल्याण की कामना
खैरवाड़ा के श्री रूद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ में गुप्त नवरात्रि नवमी पर वृष्टि अनुष्ठान हुआ। जनकल्याण और अच्छी वर्षा की कामना के बीच गूंजे जयकारे।

तस्वीर में श्री रूद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ, खैरवाड़ा में नवमी के अवसर पर सुसज्जित माँ रूद्राणी की प्रतिमा दिखाई दे रही है।
खैरवाड़ा के प्राचीन दुर्ग स्थित श्री रूद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ में गुप्त नवरात्रि की नवमी के अवसर पर महंत भारत भूषण के सानिध्य में सर्व लोकहिताय वृष्टि अनुष्ठान का आयोजन किया गया। अनुष्ठान के माध्यम से प्रदेश सहित समस्त जनकल्याण एवं सर्वत्र अच्छी वर्षा की कामना की गई।
महंत भारत भूषण ने बताया कि वृष्टि अनुष्ठान से वर्षा कारक वायु का प्रवाह होता है तथा प्रकृति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष गुप्त नवरात्रि के दौरान इस शक्तिपीठ पर वृष्टि अनुष्ठान के समय वर्षा होना माँ रूद्राणी की दिव्य कृपा एवं साक्षात उपस्थिति का प्रमाण माना जाता है।
अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से "चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहिमाम्, चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर रक्षमाम्" का सस्वर पाठ किया। इसके बाद जगतजननी माँ रूद्राणी की विशेष सामूहिक महाआरती उतारी गई।
कार्यक्रम में शक्तिपीठ के संरक्षक पं. कृष्ण गोपाल जोशी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। नवमी के अवसर पर किले पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और "आई तो मारी, हाजरा हाजर हैं" तथा "जय माँ रूद्राणी" के जयकारों से पूरा शक्तिपीठ परिसर भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। नवमी पर सुसज्जित प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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